मुंबई: परमबीर सिंह वसूली मामले में दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार, सीआईडी ने की कार्रवाई, आज कोर्ट में करेगी पेश
परमबीर सिंह वसूली मामले में महाराष्ट्र सीआईडी ने दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी रियल एस्टेट डेवलपर श्यामसुंदर अग्रवाल द्वारा 22 जुलाई को जबरन वसूली के आरोप में मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दायर एक शिकायत के संबंध में हुई है, जिसमें 15 करोड़ रुपये की जबरन वसूली का आरोप लगाया गया था।
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परमबीर सिंह वसूली मामले में महाराष्ट्र सीआईडी ने सोमवार को दो पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की। इस मामले में महाराष्ट्र सीआईडी ने पुलिस इंस्पेक्टर नंदकुमार गोपाल और इंस्पेक्टर आशा कोर्के को गिरफ्तार किया है। नंदकुमार गोपाल और आशा कोर्के को सोमवार को राज्य सीआईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। घंटों पूछताछ के बाद देर शाम दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। सीआईडी मंगलवार सुबह 11 बजे गोपाल और आशा कोर्के को किल्ला कोर्ट में पेश करेगी।
एक अधिकारी ने बताया कि दोनों गिरफ्तार पुलिस अधिकारी पहले मुंबई अपराध शाखा में तैनात थे, उन दोनों और शहर के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस निरीक्षक नंदकुमार गोपाल फिलहाल खंडाला पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में तैनात हैं और आशा कोर्के नायगांव स्थानीय हथियार इकाई में तैनात हैं।
दोनों की गिरफ्तारी रियल एस्टेट डेवलपर श्यामसुंदर अग्रवाल द्वारा 22 जुलाई को जबरन वसूली के आरोप में मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दायर एक शिकायत के संबंध में हुई है, जिसमें 15 करोड़ रुपये की जबरन वसूली का आरोप लगाया गया था। एफआईआर में परमबीर सिंह समेत सात अन्य के नाम हैं, जिनमें पांच पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने जांच के दौरान अग्रवाल के पूर्व बिजनेस पार्टनर संजय पुनामिया और उसके सहयोगी सुनील जैन को गिरफ्तार किया था। प्राथमिकी में नामित पांच पुलिसकर्मियों की पहचान डीसीपी (अपराध शाखा) अकबर पठान, सहायक पुलिस आयुक्त श्रीकांत शिंदे, एसीपी संजय पाटिल, निरीक्षक आशा कोर्के और अपराध शाखा निरीक्षक नंदकुमार गोपाल के रूप में हुई है।
अधिकारी ने बताया कि मरीन ड्राइव थाने में दर्ज जबरन वसूली मामले की जांच के दायरे को बढ़ाते हुए इसकी जांच एसआईटी से राज्य सीआईडी को स्थानांतरित कर दी गई थी।सीआईडी को श्यामसुंदर अग्रवाल के खिलाफ जुहू पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर छोटा शकील के साथ कथित संबंधों के लिए दर्ज एक मामले की जांच भी सौंपी गई थी।
अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि इस "झूठे" मामले के आधार पर, परमबीर सिंह और अन्य पुलिस अधिकारियों ने प्राथमिकी के अनुसार, उनके पूर्व बिजनेस पार्टनर संजय पुनमिया के इशारे पर उनसे जबरन पैसे वसूले।
मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ ठाणे कोर्ट ने हाल ही में गैर जमानती वारंट जारी किया था। पुलिस ने कोर्ट में आवेदन दायर करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाए क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज वसूली के मामले में वो फरार हैं और समन पर पूछताछ के लिए हाजिर भी नहीं हो रहे हैं।