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पराक्रम दिवस: के कविता ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का नाम आजाद हिंद रखा जाए

Fri, 23 Jan 2026 08:07 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 23 Jan 2026 08:07 PM IST
सार

तेलंगाना जागृति प्रमुख के. कविता ने पराक्रम दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का नाम ‘आजाद हिंद’ रखने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देगा। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं।

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Parakram Diwas K Kavitha letter to PM Modi says Andaman Nicobar Islands should be renamed Azad Hind
के. कविता - फोटो : ANI

विस्तार

पराक्रम दिवस के मौके पर अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के नाम को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। तेलंगाना जागृति की संस्थापक के. कविता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का नाम ‘आजाद हिंद’ रखा जाए। कविता का कहना है कि यह कदम स्वतंत्रता संग्राम के नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान को स्थायी सम्मान देगा।

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के. कविता ने अपने पत्र में याद दिलाया कि 30 दिसंबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया था और इन द्वीपों को ब्रिटिश शासन से मुक्त पहला भारतीय क्षेत्र घोषित किया था। उन्होंने बताया कि आजाद हिंद की अस्थायी सरकार के तहत नेताजी ने इन द्वीपों के नाम शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप रखे थे। कविता ने कहा कि पूरे द्वीपसमूह का नाम आजाद हिंद होना उसी ऐतिहासिक घोषणा की सही पहचान होगी।
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कविता ने कहा कि हाल के वर्षों में कुछ द्वीपों के नाम बदले गए हैं, लेकिन पूरे द्वीपसमूह की पहचान अब भी ब्रिटिश दौर के नाम से जुड़ी हुई है। उन्होंने तर्क दिया कि आजाद हिंद नाम भारत की पहली संप्रभु घोषणा का प्रतीक है। उनका कहना है कि यह नाम स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को देश की भूगोलिक पहचान से जोड़ेगा और आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करेगा।
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पहले भी हो चुके हैं नाम परिवर्तन
केंद्र सरकार पहले भी अंडमान और निकोबार से जुड़े नामों में बदलाव कर चुकी है। 2018 में रॉस आइलैंड का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, नील आइलैंड का नाम शहीद द्वीप और हैवलॉक आइलैंड का नाम स्वराज द्वीप रखा गया था। इसके अलावा सितंबर 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर ‘श्री विजय पुरम’ किया जाएगा। सरकार का तर्क रहा है कि यह बदलाव औपनिवेशिक छाप मिटाने की दिशा में है।

पराक्रम दिवस और नेताजी का योगदान
23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती देशभर में पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाती है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में इस दिन को आधिकारिक रूप से पराक्रम दिवस घोषित किया था। नेताजी ने आजाद हिंद फौज का गठन कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी थी। के. कविता ने केंद्र सरकार से अपील की है कि ‘आजाद हिंद’ नाम को लागू करने के लिए जरूरी संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि यह कदम नेताजी के साहस और दूरदर्शिता को सच्ची श्रद्धांजलि बन सके।

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