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Mumbai: होर्डिंग मामले की जांच करेगी हाईकोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता वाली समिति, पिछले माह हुआ था हादसा

Mon, 10 Jun 2024 07:15 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 10 Jun 2024 07:15 PM IST
सार

बंबई उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिलीप भोसले की अध्यक्षता वाली समिति 13 मई को हुए मुंबई होर्डिंग हादसे की जांच करेगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 

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Panel headed by ex-chief justice of Bombay HC Dilip Bhosle to probe Mumbai hoarding collapse: Official
Mumbai hoarding collapse - फोटो : PTI

विस्तार

बंबई उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिलीप भोसले की अध्यक्षता वाली समिति 13 मई को हुए मुंबई होर्डिंग हादसे की जांच करेगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 

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इससे पहले रविवार को घाटकोपर होर्डिंग हादसे के सिलसिले में गिरफ्तार जाह्नवी मराठे और सागर कुंभार को अदालत ने 15 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। 13 मई को हुए हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई थी। 
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पुलिस पुलिस की अपराध शाखा के विशेष जांच जाच दल (एसआईटी) ने गोवा में ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक जाह्नवी मराठे और होर्डिंग के निर्माण से जुड़े ठेकेदार कुंभार को गिरफ्तार किया था। भावेश भिंडे के स्वामित्व वाली ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अवैध तरीके से बड़े आकार के हर्डिंग लगाए थे। 
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जांच में पता चला कि मराठे को ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से तीस लाख रुपये से ज्यादा पैसे मिले और उसने कंपनी की मर्सिडीज का निजी इस्तेमाल किया। 21 दिसंबर 2023 को ईगो मीडिया से इस्तीफा देने के बावजूद कार उसके पास थी। 

पुलिस के मुताबिक, मराठे और भिंडे ने पैसे को प्राथमिकता देते हुए होर्डिंग की बुनियाद को नजरअंदाज किया। जिसके कारण दुर्घटना हुई। भिंडे की गिरफ्तारी क ेबाद मराठे और कुंभार दोनों मुंबई से भाग गए थे और पकड़े जाने तक गोवा में छिपे रहे।

एसआईटी ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। भिंडे को पहली बार 16 मई को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद बीएमसी इंजीनियर मोज रामकृष्ण संघू को गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने तय सीमा से ज्यादा होने के बावजूद बड़े आकार के होर्डिंग को स्थिरता प्रमाण पत्र जारी किया था। भिंडे और संघू दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। 


ईगो मीडिया ने 2020 में घाटकोपर में तीन होर्डिंग्स लगाने की अनुमति मांगी थी। उसे शुरू में 40x40 फीट के लिए मंजूरी दी गई थी। जुलाई 2022 में भिंडे ने 80x80 फीट तक के होर्डिंग्स लगाने का अनुरोध किया। भिंडे ने 120x70 फीट के चौथे होर्डिंग के लिए भी मंजूरी मांगी थी। जीआरपी आयुक्त कैसर खालिद ने दिसंबर 2022 में इन अनुरोधों को मंजूरी दी थी। 

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