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पंचकूला हिंसा: रात भर बजते रहे मृतकों के फोन, नहीं हो सकी शवों की पहचान
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
Updated Sat, 26 Aug 2017 09:25 AM IST
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पंचकूला हिंसा
- फोटो : Express photo
शुक्रवार को साध्वी यौन शोषण केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की सीबीआई अदालत ने दोषी करार दिया गया। वहीं राम रहीम पर फैसला आने के बाद डेरा समर्थक भड़क गए। जिसके बाद डेरा समर्थकों ने आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी। समर्थकों को रोकने के लिए पुलिस को गोली तक चलानी पड़ी।
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हिंसा के बाद पंचकूला में कर्फ्यू लगा दिया है। वहीं इस पूरी हिंसा में 30 लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार पूरी रात पंचकूला सिविल हॉस्पिटल में मृतकों के पॉकेट में रखा उनका फोन बजता रहा। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 17 शव ऐसे है जिनकी अब तक पहचान नहीं हो पाई है।
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मरने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं, जबकि मृतकों में जो सबसे कम उम्र का है वह 15-17 साल का एक लड़का है। सूत्रों के मुताबिक डॉक्टरों ने किसी भी मृतक के फोन का जवाब देने से मना किया था। अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि हम किसी का भी फोन सुबह ही रिसीव करेंगे।
डॉक्टर ने अपना नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि सभी की मौत गोली लगने से हुई है। उन्होंने बताया कि गोली मृतकों के गले, सीने और पीठ में लगी थी। शवों की पहचान हो जाने के बाद उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा। अस्पताल के अधिकारी ने बताया कि किसी भी मृतक के पास से कोई भी पहचान पत्र नहीं मिला है। मरने वालों में ज्यादातर लोग गांव के लग रहे हैं, उन्होंने कुर्ता पैजामा पहन रखा है।
बता दें कि डेरा समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन में 300 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए हरियाणा कर्फ्यू लगा दिया है। साथ ही दिल्ली-एनसीआर में धारा 144 लागू कर दी गई है।