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गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा- पैन कार्ड, जमीन और बैंक दस्तावेज नागरिकता के सबूत नहीं
Wed, 19 Feb 2020 09:29 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 19 Feb 2020 09:29 PM IST
सार
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि पैन कार्ड, जमीन और बैंक के दस्तावेज किसी व्यक्ति की नागरिकता प्रमाणित करने के दस्तावेज नहीं हैं। कोर्ट ने यह फैसला एक महिला की याचिका को खारिज करते हुए दिया। उसने ट्रिब्यूनल के उसकी नागरिकता के दावे को खारिज करने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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guwahati high court
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विस्तार
जस्टिस मनोजीत भुयान और जस्टिस पीजे सैकिया की पीठ ने जुबैदा बेगम की याचिका रद्द करते हुए कहा कि उनके द्वारा पेश किए दस्तावेज से यह प्रमाणित नहीं होता कि उसके पिता-माता एक जनवरी 1966 से पहले असम आए थे और वह 24 मार्च 1971 से पहले से राज्य में रह रहे थे।
बेगम ने पैन कार्ड, राशन कार्ड, दो बैंक पासबुक, अपने पिता जाबेद अली की एनआरसी जानकारी, अपने दादा-दादी, माता-पिता और अपने पति के नाम वाली वोटर लिस्ट, कई भूमि राजस्व की प्रति समेत 14 दस्तावेज जमा कराए थे।
बाक्सा जिले में विदेशी ट्रिब्यूनल ने एसपी बार्डर के एक संदर्भ के आधार पर उन्हें नोटिस जारी किया था। बेगम ने ट्रिब्यूनल के सामने पेश होकर 14 दस्तावेज के साथ अपना लिखित बयान दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने जन्म से भारत का नागरिक होने का दावा किया था।
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बेगम ने पैन कार्ड, राशन कार्ड, दो बैंक पासबुक, अपने पिता जाबेद अली की एनआरसी जानकारी, अपने दादा-दादी, माता-पिता और अपने पति के नाम वाली वोटर लिस्ट, कई भूमि राजस्व की प्रति समेत 14 दस्तावेज जमा कराए थे।
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बाक्सा जिले में विदेशी ट्रिब्यूनल ने एसपी बार्डर के एक संदर्भ के आधार पर उन्हें नोटिस जारी किया था। बेगम ने ट्रिब्यूनल के सामने पेश होकर 14 दस्तावेज के साथ अपना लिखित बयान दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने जन्म से भारत का नागरिक होने का दावा किया था।
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