{"_id":"63fdf7b9916ca079800048b3","slug":"pakistani-uncle-on-nia-radar-in-2021-fake-indian-currency-smuggling-case-2023-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"FICN Case: 2000 के नोटों की तस्करी के मामले में पाकिस्तानी 'चाचा' NIA की रडार पर, जानें पूरा मामला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
FICN Case: 2000 के नोटों की तस्करी के मामले में पाकिस्तानी 'चाचा' NIA की रडार पर, जानें पूरा मामला
Tue, 28 Feb 2023 06:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 28 Feb 2023 06:17 PM IST
सार
17 नंवबर 2021 को ठाणे में मुंबई क्राइम ब्रांच ने रियाज अब्दुल रहमान शिकिलकर को दो हजार के भारतीय नोटों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था। साथ ही उसके पास से 2,000 रुपये के मूल्यवर्ग के 149 जाली भारतीय नोट भी बरामद किए गए थे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
महाराष्ट्र में भारतीय नोटों की तस्करी से जुड़े 2021 के एक मामले में एनआईए ने बड़ा खुलासा किया है। एनआईए ने अपनी एफआईआर में बताया है कि उच्च गुणवत्ता वाले नकली भारतीय मुद्रा नोटों की तस्करी मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि उसके कब्जे से बरामद किए गए नोट को एक अज्ञात व्यक्ति 'चाचा' ने दिया था। जोकि पाकिस्तान का निवासी है। इतना ही नहीं 'चाचा' ने व्हाट्सएप नंबर '+60146950130' से कॉल करके उसको इन नोटों को 1,80,000 रुपये के मूल भारतीय नोटों के बदले किसी को देने के लिए कहा था। एनआईए ने इस मामले की जांच इसी महीने अपने हाथ में ली है।
विज्ञापन
2021 का है मामला
गौरतलब है कि 17 नंवबर 2021 को ठाणे में मुंबई क्राइम ब्रांच ने रियाज अब्दुल रहमान शिकिलकर को दो हजार के भारतीय नोटों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था। साथ ही उसके पास से 2,000 रुपये के मूल्यवर्ग के 149 जाली भारतीय नोट भी बरामद किए गए थे। जिसके बाद 18 नवंबर, 2021 को नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था। शिकिलकर की गिरफ्तारी के करीब 14 महीने बाद छह फरवरी को गृह मंत्रालय के आदेश पर एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ली।
विज्ञापन
केंद्रीय एजेंसी ने दर्ज की एफआईआर
केंद्रीय एजेंसी ने जाली भारतीय मुद्रा नोट (FICN) मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 34, 489 ए, 489 बी और 489 सी और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के आरोपों के तहत नई प्राथमिकी फिर से दर्ज की। एनआईए की एफआईआर में 47/1, अब्दुल्ला गोंडीवाला चावी, गुलजारगली, नौपाड़ा बांद्रा (पूर्व), मुंबई 51 निवासी रियाज अब्दुल रहमान शिकिलकर को आरोपी बनाया गया था।
विज्ञापन
एफआईआर में पाकिस्तानी 'चाचा' का नाम
एनआईए की एफआईआर में कहा गया है कि ये अपराध उच्च गुणवत्ता वाले नकली भारतीय मुद्रा नोटों की तस्करी और संचलन के माध्यम से भारत की मौद्रिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के प्रयास से संबंधित है। प्राथमिकी में एनआईए ने शिकिलकर सहित तीन व्यक्तियों का नाम शामिल किया है। इसमें मुंबई के बांद्रा पश्चिम में जमातिया कॉलोनी निवासी चौधरी सहित पाकिस्तान के रहने वाले 'अंकल' नाम के एक अनजान शख्स का नाम भी है। इसके अलावा, NIA ने नासिर उस्मांगनी चौधरी नाम के एक अन्य व्यक्ति की तलाश भी शुरू कर दी है।