फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pakistani Insect locusts wiped out by banned pesticides entered Rajasthan Gujarat from western end

पाकिस्तानी टिड्डियों का प्रतिबंधित कीटनाशकों से सफाया, यहां सबसे अधिक था आतंक

Tue, 21 Jan 2020 02:03 AM IST
योगेश साहू सुरेंद्र मिश्र, मुंबई।
सुरेंद्र मिश्र, मुंबई। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 21 Jan 2020 02:03 AM IST
सार

  • पश्चिमी छोर से राजस्थान-गुजरात में घुसा था टिड्डियों का दल
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में फसलों को हुआ था भारी नुकसान
  • 2019 जनवरी में सरकार ने डीडीवीपी कीटनाशक पर लगाया था प्रतिबंध 

विज्ञापन
Pakistani Insect locusts wiped out by banned pesticides entered Rajasthan Gujarat from western end
भारत-पाक सीमा पर टिड्डी दल का धावा - फोटो : Social media

विस्तार

भारत सरकार ने पिछले साल हानिकारक बताकर जिस डीडीवीपी कीटनाशक पर प्रतिबंध लगाया था, वह अब पड़ोसी मुल्क से आए टिड्डियों के सफाये में सबसे अधिक असरदार साबित हुआ है। राजस्थान और गुजरात के पश्चिमी छोर पर पाकिस्तान से घुसे टिड्डियों के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान हो रहा था।

विज्ञापन


प्रतिबंधित डाईक्लोरोविनाइल डाईमिथाइल फॉस्फेट (डीडीवीपी) कीटनाशक के छिड़काव से इन टिड्डियों का सफाया कर दिया गया है। गौरतलब है कि देश में डीडीवीपी कीटनाशक का आयात और निर्यात जनवरी 2019 में रोक दिया गया था और दिसंबर 2020 तक डीडीवीपी को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया था। खाद्य पदार्थों के लिए हानिकारक बताकर इस  पर रोक लगाई गई थी। हालांकि जापान, अमेरिका और कनाडा में इसका इस्तेमाल किया जाता है।  
विज्ञापन


फॉल्कन मशीन से 35 गांवों में छिड़काव
यूनाइटेड फॉस्फोरस लि. (यूपीएल) की 25 एक्सपर्ट टीमों ने आदर्श फार्म सर्विसेज की अत्याधुनिक फॉल्कन मशीनों से 35 से ज्यादा गांवों में डीडीवीपी व क्लोरोपेरिफॉस के साथ अन्य कीटनाशकों का दो तरह से छिड़काव किया। पहला जब टिड्डियां फसलों पर बैठती थी तब और दूसरा आराम करने के लिए वह जिस पेड़ और बंजर जमीन पर बैठती थीं, वहां यह दवा गिराई गई। इस अभियान में जिला कलेक्टर की टीम, कृषि विभाग, केंद्रीय टिड्डी नियंत्रण टीम और हॉर्टिकल्चर विभाग ने भी किसानों के साथ मिलकर काम किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

यहां सबसे अधिक था आतंक 

टिड्डियों के प्रकोप से गुजरात के मेहसाणा, कच्छ, पाटन, साबरकांठा तथा राजस्थान के बाड़मेर, श्रीगंगानगर, जालौर, हनुमानगढ़ और चिरू जिले में हाहाकार मच गया था। 

इन फसलों पर था संकट 
टिड्डियों के प्रकोप से गुजरात और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में गेहूं, आलू, सरसों, जीरा, जींस, सौंफ, जेट्रोफा और कपास की फसलों के पूरी तरह तबाह होने का संकट पैदा हो गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed