भारतीय सेना को धोखा देने के लिए ये खतरनाक रणनीति बना रहे हैं पाकिस्तानी सैनिक
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भारतीय सेना की तीसरी आंख कहे जाने वाले नाइट विजन यंत्र का तोड़ पाकिस्तानी सैनिकों ने निकाल लिया है। बिना किसी रोशनी के देखने में मददगार यह यंत्र रात के वक्त सीमा पार के सैनिकों पर नजर रखने के काम आता है। लेकिन पाकिस्तानी सेना जवानों को धोखा देने के लिए अब एक खतरनाक तकनीक अपना रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक रात में निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले थर्मल इमेजर से बचने के लिए पाक सैनिक थर्मल कैमोफ्लोज सूट पहनकर हमला कर रहे हैं। इस बात का खुलासा एक सर्विलांस वीडियो में हुआ है।
बीते 18 मई को आरएस पुरा में तैनात बीएसएफ कांस्टेबल सीताराम यादव गोली लगने से शहीद हो गए थे। पहले तो अधिकारियों को लगा कि वह सीमापार के स्नाइपर शॉट का निशाना बने हैं। लेकिन हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर की वीडियो की जांच के बाद तो कुछ और ही बात सामने आई।
जांच में पता चला कि उस वीडियो में धुंधली परछाई की मूवमेंट है। जिसके बाद परछाई के बीएसएफ की चौकी के काफी नजदीक पहुंचने पर फायर होता है। जांच से ऐसा लग रहा है कि कांस्टेबल यादव की मौत उसी फायर से हुई थी।
क्या है नाइट विजन डिवाइस
नाइट विजन डिवाइस (एनवीडी) को नाइट ऑप्टिकल या ऑब्जर्वेशन डिवाइस (एनओडी) और नाइट विजन गूगल्स (एनवीजी) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक प्रकार का ऑप्टो-इलैक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो बिल्कुल अंधेरे में सामने वाले की तस्वीर को उभारता है।
इसका ज्यादातर इस्तेमाल मिलिट्री और एन्फोर्समेंट एजेंसियों की तरफ से किया जाता है। कई एनवीडी में सेक्रिफिशियल लेंस या टेलिस्कोपिक लेंस या मिरर्स लगे होते हैं। साथ ही यह डिवाइस अब आम नागरिकों के लिए भी मौजूद है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने मंगलवार को भी संघर्ष विराम तोड़कर 120 एमएम के मोर्टार दागे थे। जिसका निशाना एलओसी के पास की 20 चौकियां और 30 गांव बने।
जिसके बाद विभिन्न जगहों पर करीब 12 लोग घायल हुए थे। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ से कहा कि सीमा पार से आने वाली हर एक गोली का करारा जवाब दिया जाए।