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अफगान राष्ट्रपति ने पाक के $500 मिलियन ठुकराए, कहा- अपने यहां करे आतंक का खात्मा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 04 Dec 2016 06:01 PM IST
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अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने रविवार को हॉर्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर सुनाई। गनी ने कहा कि अफगानिस्तान के पुर्ननिर्माण के लिए इस्लामाबाद की 500 मिलियन डॉलर की मदद का इस्तेमाल पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में करे, तो ज्यादा बेहतर होगा।
अमृतसर में हो रहे हॉर्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस में अशरफ गनी ने कहा कि सीमा पार से आतंकवाद बड़ी चिंता का विषय है। आतंकवाद से लड़ने के लिए हमें मदद की जरूरत है।
कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज भी हिस्सा मौजूद थे। सीधे तौर पर अजीज को संबोधित करते हुए गनी ने कहा, 'ये जरूरी है कि हम सीमा पार से आतंकवाद की पहचान करें और आतंक से लड़ाई में मदद करें। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के विकास के लिए 500 मिलियन डॉलर की मदद देने को कहा है। मिस्टर अजीज, इस राशि का इस्तेमाल चरमपंथ से लड़ने में किया जा सकता है।'
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घनी ने कहा, 'पिछले साल आतंकवाद के चलते अफगानिस्तान में सबसे ज्यादा संख्या में लोग मारे गए। यह स्वीकार नहीं है.. इसके बावजूद कुछ लोग आतंक को पनाह देते हैं। जैसा कि तालिबान का आंकड़ा कहता है कि अगर आतंक को पाकिस्तान में पनाह नहीं मिल रही है, तो वे एक महीने भी टिक नहीं पाएंगे।'
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अमृतसर में हो रहे हॉर्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस में अशरफ गनी ने कहा कि सीमा पार से आतंकवाद बड़ी चिंता का विषय है। आतंकवाद से लड़ने के लिए हमें मदद की जरूरत है।
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कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज भी हिस्सा मौजूद थे। सीधे तौर पर अजीज को संबोधित करते हुए गनी ने कहा, 'ये जरूरी है कि हम सीमा पार से आतंकवाद की पहचान करें और आतंक से लड़ाई में मदद करें। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के विकास के लिए 500 मिलियन डॉलर की मदद देने को कहा है। मिस्टर अजीज, इस राशि का इस्तेमाल चरमपंथ से लड़ने में किया जा सकता है।'
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घनी ने कहा, 'पिछले साल आतंकवाद के चलते अफगानिस्तान में सबसे ज्यादा संख्या में लोग मारे गए। यह स्वीकार नहीं है.. इसके बावजूद कुछ लोग आतंक को पनाह देते हैं। जैसा कि तालिबान का आंकड़ा कहता है कि अगर आतंक को पाकिस्तान में पनाह नहीं मिल रही है, तो वे एक महीने भी टिक नहीं पाएंगे।'
नाम लिए बिना PM मोदी का पाकिस्तान पर निशाना
घनी ने आगे कहा, 'मैं आरोप-प्रत्यारोप का खेल नहीं चाहता। मैं स्पष्टीकरण चाहता हूं कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए क्या कर रहा है।'
गौरतलब है कि हॉर्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का थीम भी आतंक पर केंद्रित रहा। प्रधानमंत्री ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान को आतंकवाद का आका करार देते हुए दुनिया से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद पर साधी गई चुप्पी इसके आकाओं को बढ़ावा देती है।
इसी मंच पर पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम तो नहीं लिया, मगर परोक्ष तौर पर उसे आतंकवाद का आका करार दिया। उन्होंने दुनिया को आतंकवाद के खतरे को समझने और इसके खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुट प्रयास नहीं होने और चुप्पी साधने से इसके आकाओं को मजबूती मिलती है।
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकी नेटवर्क के कारण दुनिया में रक्तपात का दौर चल रहा है। इस मामले में चुप्पी और निष्क्रियता का प्रसार कम करने और इसके बदले मजबूत- सामूहिक इच्छाशक्ति दिखाने की जरूरत है।
गौरतलब है कि हॉर्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का थीम भी आतंक पर केंद्रित रहा। प्रधानमंत्री ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान को आतंकवाद का आका करार देते हुए दुनिया से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद पर साधी गई चुप्पी इसके आकाओं को बढ़ावा देती है।
इसी मंच पर पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम तो नहीं लिया, मगर परोक्ष तौर पर उसे आतंकवाद का आका करार दिया। उन्होंने दुनिया को आतंकवाद के खतरे को समझने और इसके खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुट प्रयास नहीं होने और चुप्पी साधने से इसके आकाओं को मजबूती मिलती है।
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकी नेटवर्क के कारण दुनिया में रक्तपात का दौर चल रहा है। इस मामले में चुप्पी और निष्क्रियता का प्रसार कम करने और इसके बदले मजबूत- सामूहिक इच्छाशक्ति दिखाने की जरूरत है।