भारत को चाय-नाश्ते का बिल भी नहीं चुका पा रहा पाकिस्तान, फोन करके थक गए अधिकारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहा है। वह अपने लिए जरुरी चीजें खरीदने में भी असमर्थ होता जा रहा है। इसी बीच खबर है कि उसने दिल्ली ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (डीटीसी) का लगभग 3.54 लाख रुपये (पांच हजार अमेरिकी डॉलर) का बिल अभी तक नहीं चुकाया है। दिल्ली-लाहौर बस सेवा में यात्रियों को दी गई सेवा के रुप में यह बिल उसे डीटीसी को चुकाना था। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निष्प्रभावी कर दिए जाने के बाद पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस ट्रेन और दिल्ली-लाहौर बस सेवा रद्द करने का एक तरफा फैसला किया था। जिसके बाद भारत को भी यह सेवा बंद करनी पड़ी थी।
यात्रियों के नाश्ते-चाय का पैसा
डीटीसी सूत्रों के मुताबिक दिल्ली-लाहौर बस सेवा के यात्रियों को उनकी पूरी यात्रा के दौरान भारत के तरफ से नाश्ता, भोजन या चाय जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाती थीं। इसके लिए कुछ शुल्क लिया जाता था, जो यात्रियों के टिकट में ही जुड़ा होता था। यात्रा समाप्ति के बाद इस शुल्क का हिसाब कर लिया जाता था। लेकिन पाकिस्तान की आर्थिक हालात खस्ता होने के बाद लगभग एक साल से इस बिल का समय पर उचित हिसाब नहीं किया जा रहा था और यह लगातार बढ़ता चला गया था।
साढ़े तीन लाख का बिल
डीटीसी विभाग की तरफ से इस बिल के भुगतान के लिए पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों को बार-बार फोन किए जाने के बाद यात्रा के निलंबित किए जाने के कुछ समय पहले किया गया था। लेकिन अभी भी इस बिल का लगभग 3,54,307 रुपये पाकिस्तान पर बकाया है।
यहां मिलती थी सेवा
भारत से पाकिस्तान के लिए जाने वाले (सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सेवा) यात्रियों को दिल्ली के अंबेडकर टर्मिनल पर चाय-नाश्ता दिया जाता था। इसके बाद उन्हें हरियाणा टूरिज्म के माध्यम से पिपली में नाश्ता दिया जाता था। उसके बाद पंजाब टूरिज्म की तरफ से सरहद और करतारपुर में भोजन की सुविधा दी जाती थी। वहीं पाकिस्तान में यात्रियों को भोजन या चाय की सुविधा नहीं मिलती थी।
डीटीसी अपने यात्रियों से 2400 रुपये टिकट के लिए लेता था। इसी टिकट में यात्रियों का भोजन-चाय का मूल्य भी जुड़ा होता था। पाकिस्तान से भारत की ओर (मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को सेवा) आने वाले यात्रियों को भी इन्हीं स्टापेज पर चाय-भोजन की सुविधा दी जाती थी।