पाकिस्तान: धीरे से जोर का झटका देने के मास्टर हैं इमरान, लादेन की मौत का भेद खोल कर हैरत में डाल दिया था ट्रंप को!
पीटीआई के प्रवक्ता फवाद चौधरी ने मीडिया से कहा था, आईएसआई के पूर्व जासूस खालिद ख्वाजा की पत्नी शमामा खालिद की एक किताब 'खालिद ख्वाजा: शहीद-ए-अमन' किताब में यह दावा किया गया था कि पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कश्मीर और अफगानिस्तान में जिहाद को बढ़ावा देने के लिए ओसामा बिन लादेन से 1.5 अरब रुपये लिए थे...
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की सिफारिश पर नेशनल असेंबली भंग कर दी गई है। रविवार को इस घटनाक्रम के थोड़ी देर बाद ही पाकिस्तान की संसद के बाहर नारेबाजी हुई। उसमें कहा गया, इमरान खान पाकिस्तान को बचाएंगे, जो कोई भी अमेरिका का दोस्त है वह देशद्रोही है। इमरान खान, अवाम को यह विश्वास दिलाने में कामयाब हो गए कि उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के पीछे विदेशी ताकतों की साजिश है। वे धीरे से जोर का झटका देने के मास्टर हैं। इमरान खान जब 2019 में अमेरिका गए तो उन्होंने वहां पर आतंकी ओसामा बिन लादेन की मौत से जुड़ा एक भेद खोल दिया था। उससे तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैरत में पड़ गए थे। इमरान खान ने कहा था, लादेन कहां छिपा है, वह सूचना तो पाकिस्तान ने ही अमेरिका को दी थी। उसके एक साल बाद इमरान ने 'नेशनल असेंबली' में लादेन को शहीद बता दिया था।
बहुत तेजी से खुद को बदलने में माहिर हैं इमरान खान ...
साल 2019 में इमरान खान अमेरिका की यात्रा पर गए थे। वहां पर उन्होंने एक साक्षात्कार के दौरान अजीब सा बयान दे दिया। यह बयान ओसामा बिन लादेन को लेकर था। अमेरिकी फोर्स ने उसे पाकिस्तान में घुस कर मारा था। उसका शव भी अमेरिकी सैनिक अपने साथ ले गए थे। पीएम इमरान बोले, लादेन जहां पर छिपा था, वह सूचना तो पाकिस्तान ने ही अमेरिका को दी थी। उसके बाद जून 2020 में पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में इमरान खान ने ओसामा बिन लादेन को शहीद कह दिया था। इस मुद्दे पर उन्हें पाकिस्तान के विपक्षी दलों की कड़ी निंदा झेलनी पड़ी थी। तब इमरान खान केवल इस बयान पर ही नहीं ठहरे। उन्होंने आगे कहा, अमेरिका उस वक्त हमारे घर में जबरदस्ती घुस आया था। अमेरिका ने हमारे एक 'आदमी' को खत्म कर दिया।
रक्षा मामलों के जानकार ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता कहते हैं, इमरान खान पर भरोसा करना मुश्किल होता है। वे दुनिया के सामने अपनी छवि सुधारने के चक्कर में उसे और ज्यादा खराब कर लेते हैं। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था, अमेरिका ने आतंक के खात्मे के लिए पाकिस्तान को सहायता राशि मुहैया कराई थी, लेकिन पाकिस्तान ने उनके खात्मे की बजाए, उसे आतंकियों की मदद पर खर्च कर दिया।
नवाज पर लगाया लादेन से डेढ़ अरब रुपये लेने का आरोप
रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता (रिटायर्ड) का कहना है, मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का उल्लेख है कि पाकिस्तान, आतंकवाद के हक में रहा है। इमरान खान को 'तालिबान खान' का नाम बहुत सोच-समझकर दिया गया था। पाकिस्तान ने 2011 में अमेरिका को खुफिया सूचना लीक कर अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को खत्म करा दिया, उसी ने कथित तौर पर 2019 में लादेन के बेटे हमजा बिन लादेन (मुजाहिद भाई) को मरवा डाला। पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान में आतंकी समूहों के साथ मिलकर 'पंजशीर' को भारी नुकसान पहुंचाया था। इमरान खान की पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' (पीटीआई) ने तत्कालीन पीएम नवाज शरीफ पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अलकायदा प्रमुख लादेन से डेढ़ अरब रुपये लिए थे। इन रकम के जरिए कश्मीर में जिहाद को बढ़ावा देना था। तब इमरान खान की पार्टी ने कहा था कि सत्ता में आने पर लादेन से धन लेने के मामले में नवाज शरीफ पर केस दर्ज किया जाएगा।
पीटीआई के प्रवक्ता फवाद चौधरी ने मीडिया से कहा था, पाकिस्तान में लोकतंत्र के खिलाफ साजिश रची जा रही है। एक आतंकी से धन लिया जा रहा है। इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (आईएसआई) के पूर्व जासूस खालिद ख्वाजा की पत्नी शमामा खालिद की एक किताब 'खालिद ख्वाजा: शहीद-ए-अमन' में भी इसके बारे में लिखा गया है। खालिद की किताब में यह दावा किया गया था कि पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कश्मीर और अफगानिस्तान में जिहाद को बढ़ावा देने के लिए ओसामा बिन लादेन से 1.5 अरब रुपये लिए थे।
रविवार को पाकिस्तान में दो प्रधानमंत्री हो गए!
पाकिस्तान में रविवार को हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद दो प्रधानमंत्रियों का नाम सामने आया। पीएम इमरान खान के अलावा विपक्ष ने शहबाज शरीफ को संसद के अंदर मुल्क का नया प्रधानमंत्री घोषित कर दिया है। इमरान खान की सरकार के खिलाफ पहले लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को भी पास कर दिया है। हालांकि अब अविश्वास प्रस्ताव का मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है। पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने फौरी तौर पर राष्ट्रपति और डिप्टी स्पीकर के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से तो इनकार कर दिया था। सोमवार को इस मामले की सुनवाई है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने रविवार को नेशनल असेंबली को भंग कर दिया था। काफी देर तक चले हंगामे के बाद विपक्ष ने राष्ट्रपति की कार्रवाई को नजरअंदाज कर संसद की कार्यवाही दोबारा से शुरू कर दी। पीएम इमरान खान की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज करने के आदेश को अयोग्य करार दे दिया गया। साथ ही विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ को मुल्क का नया प्रधानमंत्री भी घोषित कर दिया गया। बता दें कि शहबाज शरीफ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई हैं। वे पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रहे हैं। मौजूदा समय में वे नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता हैं। शहबाज, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष भी हैं।