सर क्रीक-सिंध सीमा पर पाकिस्तान की नई चाल: ड्रोन-होवरक्राफ्ट से बढ़ाई तैयारी; भारत के लिए क्यों बढ़ी चुनौती?
पाकिस्तान ने गुजरात से सटे सर क्रीक और सिंध के तटीय इलाकों में सैन्य तैयारियां बढ़ाई हैं। यहां ड्रोन, होवरक्राफ्ट और समुद्री अभियानों से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत किया जा रहा है। पाकिस्तानी नौसेना के युद्धाभ्यास में तीनों सेनाओं की भागीदारी बताई गई है। इसके जवाब में भारत ने भी क्षेत्र में संयुक्त अभ्यास और ड्रोन-विरोधी प्रणालियों का परीक्षण किया है। वहीं पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंदी 24 अक्तूबर तक बढ़ाई है।
विस्तार
पाकिस्तान गुजरात से सटे सरक्रीक और सिंध के तटीय इलाकों में अपनी सैन्य तैयारियों को चुपचाप धार दे रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस इलाके में पाकिस्तान ने अपनी असममित और एम्फीबियस युद्धक क्षमताओं को तेजी से मजबूत किया है। पाकिस्तान की पिछले करीब 30 महीनों की सैन्य गतिविधियां भी यही दर्शाती हैं। दलदली पानी में चलने वाले विशेष होवरक्राफ्ट की तैनाती, नए ड्रोन प्रोजेक्ट और तीनों सेनाओं के बड़े युद्धाभ्यास यह बताते हैं कि पाकिस्तान इस जलीय और दुर्गम इलाके को भारत के खिलाफ एक नए मोर्चे के रूप में विकसित करने की जुगत में है।
क्या है पाकिस्तान की तैयारी?
- पाकिस्तान नौसेना ने इसी महीने उत्तरी अरब सागर में सी-स्पार्क युद्धाभ्यास की शुरुआत की है। इस अभ्यास में युद्धपोत, पनडुब्बियां, विमान और मानव रहित (ड्रोन) प्रणालियां शामिल हैं।
- अभ्यास का मुख्य फोकस पारंपरिक नौसैनिक युद्ध के साथ-साथ हवाई, जमीनी और साइबर समेत मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स की क्षमता मजबूत करना है, जिसमें पाकिस्तानी सेना और वायुसेना भी भाग ले रही हैं।
- पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद अक्तूबर में पाकिस्तान नौसेना प्रमुख एडमिरल नावेद अशरफ क्रीक के दौरे पर गए। इस दौरान तीन नए 2400 टीडी होवरक्राफ्ट मरीन बेड़े में शामिल किए गए। यह सरक्रीक जैसे उथले पानी, कीचड़युक्त तटों और दलदल में तेज गति से सैनिकों को ले जाने में सक्षम हैं, जहां पारंपरिक नावें नाकाम हो जाती हैं
- इस साल जुलाई में पाकिस्तान नौसेना ने अबाबील नाम से एक एम्फीबियस और ड्रोन एकीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया। इसमें मरीन कमांडोज, यूएवी और समुद्र से तट पर उतरने वाले अभ्यासों को आपस में जोड़ा गया
- पाकिस्तान ने जनवरी से मार्च 2024 में भी सी-स्पार्क अभ्यास किया था। इस दौरान तटीय हमलों का अभ्यास भी किया गया।
- कराची से संचालित इस बड़े अभ्यास में सेना, वायुसेना और नौसेना के साथ-साथ साइबर, अंतरिक्ष-सक्षम क्षमताओं और मानवरहित प्रणालियों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।
- पाकिस्तानी नौसेना प्रमुख ने पिछले 30 महीनों में चार बार सर क्रीक के अग्रिम ठिकानों (केटी बंदर और शाह बंदर) का दौरा किया।
- इन दौरों में पाकिस्तान मरीन की अग्रिम परिचालन तैयारियों की खुद समीक्षा की।
स्पेशल फोर्सेज के अभ्यास
सर क्रीक के आसपास के बैकवाटर में पाकिस्तान ने कई तटीय सुरक्षा अभ्यास चलाए हैं। पिछले साल अगस्त में तुर्की की स्पेशल फोर्सेज और फरवरी में सऊदी अरब की नौसेना के साथ कराची/सिंध तट पर क्लोज-क्वार्टर कॉम्बैट अभियानों का अभ्यास किया गया। पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद जून और अगस्त महीनों में पोर्ट कासिम और कराची बंदरगाहों पर गैर-पारंपरिक खतरों से निपटने के लिए पोर्ट सिक्योरिटी और हार्बर डिफेंस अभ्यास भी आयोजित किए।
पाक की मंशा क्या है?
सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान की इस बहुआयामी तैयारी के पीछे कई सामरिक कारण हैं। पारंपरिक रूप से भारत-पाकिस्तान संघर्ष का केंद्र कश्मीर और पंजाब सीमा रही है। पाकिस्तान गुजरात के कच्छ और सर क्रीक मोर्चे को एक वैकल्पिक या आक्रामक मोर्चे के रूप में विकसित कर रहा है, ताकि भारतीय सेना को कई दिशाओं में उलझाया जा सके। सर क्रीक का इलाका बेहद जटिल, दलदली और जलीय है। जहां भारी टैंक या सेना के पारंपरिक वाहन काम नहीं करते। पाकिस्तान इन भौगोलिक बाधाओं का लाभ उठाकर तेजी से घुसपैठ या हमले की क्षमता परख रहा है। गुजरात सीमा पर हमले के पीछे मनोवैज्ञानिक पहलू भी जुड़े हैं। पाकिस्तान का आकलन है कि इस क्षेत्र में किसी तरह की सफलता भारत के राष्ट्रीय मनोबल को कमजोर कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान का आकलन है कि ऑपरेशन सिंदूर जैसी किसी भी अगली कार्रवाई में भारतीय नौसेना का इस्तेमाल जरूर होगा। लिहाजा इस इलाके में वह खुद की रक्षात्मक क्षमता भी मजबूत कर रहा है।
भारत की जवाबी तैयारी
पिछले साल मई में भारत-पाक सैन्य टकराव के दौरान गुजरात मोर्चे पर पाकिस्तानी ड्रोनों की गतिविधियों को भारत ने नाकाम किया था। इसके बाद जून में सेना, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने इस क्षेत्र में एक बड़ा संयुक्त अभ्यास आयोजित किया, जिसमें दलदली क्षेत्र में स्पीडबोट्स, ड्रोन-विरोधी प्रणालियों और अंडरवाटर ऑपरेशन्स का परीक्षण किया गया।