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हाफिज सईद को 5.5 साल की सजा पर भारत ने कहा- पठानकोट और मुंबई हमलों में भी हो न्याय
Thu, 13 Feb 2020 08:33 AM IST
Sneha Baluni
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Thu, 13 Feb 2020 08:33 AM IST
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आतंकी सरगना हाफिज सईद
- फोटो : File Photo
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पाकिस्तान की एक अदालत द्वार वैश्विक आतंकी हाफिज सईद को दो मामलों में 5.5 साल की सजा सुनाए जाने पर भारत ने संतोष जताया है। भारत का कहना है कि पठानकोट और मुंबई हमलों के मामलों में भी पाकिस्तान को कार्रवाई करनी चाहिए।
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भारत के सरकारी सूत्रों का कहना है कि हमने मीडिया रिपोर्ट्स देखी हैं जिसमें बताया गया है कि पाकिस्तान ने वैश्विक आतंकी हाफिज सईद को आतंक के वित्त पोषण मामले में सजा सुनाई है। यह पाकिस्तान के लंबे समय से लंबित अंतरराष्ट्रीय दायित्व का हिस्सा है ताकि आतंकवाद के समर्थन पर रोक लगाई जा सके।
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विशेषज्ञों ने पाकिस्तान द्वारा आतंकी हाफिज सईद को सजा सुनाए जाने के समय पर संदेह जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की बैठक होने वाली है।
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बता दें कि एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला हुआ है। वैश्विक संस्था ने उसे 27 प्वाइंट का एक्शन प्लान दिया था। जिसपर कार्रवाई न होने पर उसके ब्लैकलिस्ट होने की संभावना थी।
Govt Sources:It has to also be seen whether Pakistan would take action against other all terrorist entities&individuals operating from territories under its control& bring perpetrators of cross border terrorist attacks, including in Mumbai and Pathankot to justice expeditiously
— ANI (@ANI) February 13, 2020
सरकारी सूत्रों ने कहा कि यह फैसला एफएटीएफ की बैठक से पहले लिया गया है। जिसपर ध्यान देना चाहिए। इसलिए, इस निर्णय की प्रभावकारिता देखने वाली है। यह भी देखना चाहिए कि क्या पाकिस्तान अपने नियंत्रण में आने वाले सभी आतंकवादी संगठनों और क्षेत्रों से काम करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा और मुंबई और पठानकोट सहित सीमा पार आतंकवादी हमलों के षड्यंत्रकारियों को त्वरित न्याय देगा या नहीं।
हाफिज सईद की सजा लश्कर की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम: अमेरिका
मुंबई 2008 आतंकवादी हमलों के मास्टरमाइंड तथा कुख्यात आतंकवादी हाफिज सईद को पाकिस्तान की अदालत द्वारा सजा सुनाने के फैसले का अमेरिका ने स्वागत करते हुए कहा कि लश्कर ए-तैयबा की जवाबदेही तय करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने के दो मामलों में हाफिज सईद को बुधवार को साढ़े पांच साल- साढ़े पांच साल कैद और दोनों मामलों में 15-15 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनायी थी।
दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस जी. वेल्स ने कहा कि आज, हाफिज और उसके साथियों को दोषी ठहराया जाना, लश्कर ए-तैयबा की उसके अपराधों के लिए जवाबदेही तय करने और पाकिस्तान की आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने की अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वेल्स ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि यह देश के भविष्य के हित में है कि वह अपनी सरजमीं का इस्तेमाल देश विरोधी तत्वों को नहीं करने दें।
सईद को अदालत ने दो मामलों में सुनाई 5.5 साल की सजा
पाकिस्तान की आतंकरोधी अदालत (एटीसी) ने दो अलग-अलग मामलों में हाफिज सईद को 5.5 साल की सजा सुनाई है। दोनों मामलों में दी गई सजा एक साथ चलेगी। इसके अलावा कोर्ट ने दोनों मामलों में सईद पर 15 हजार पाकिस्तानी रुपया का जुर्माना भी लगाया है।दो मामलों में साढ़े पांच-साढ़े पांच साल की सजा
अदालत के एक अधिकारी ने पीटीआई को इसकी पुष्टि की है कि पंजाब प्रांत में आतंकवाद को वित्त पोषण करने के दो मामलों में सईद को सजा दी गई है। आतंकवाद निरोधक अदालत ने आतंकवाद को वित्त पोषण करने के मामलों की रोजाना सुनवाई करते हुए 11 दिसंबर को सईद एवं उसके एक सहयोगी को दोषी करार दिया था ।अदालत ने दोनों मामलों में सईद को साढ़े पांच साल-साढ़े पांच साल के कैद की सजा सुनाई जबकि दोनों मामलों में 15-15 हजार का जुर्माना भी लगाया। दोनों मामलों की सजा साथ-साथ चलेगी।