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Congress: पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप का दखल..., सदन में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस तैयार
Sun, 27 Jul 2025 12:53 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sun, 27 Jul 2025 12:53 PM IST
सार
संसद में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले पर विशेष बहस से पहले कांग्रेस ने सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। पार्टी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ऑपरेशन रुकवाने के 26 बार दावेदारी करने को गंभीर बताया है। कांग्रेस ने सेना अधिकारियों और एलजी मनोज सिन्हा के बयानों का हवाला देकर रणनीतिक चूक, राजनीतिक हस्तक्षेप और सुरक्षा विफलता को मुद्दा बनाया है।
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सदन में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस तैयार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संसद के मॉनसून सत्र में सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में पहलगाम आतंकी हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' पर खास बहस होने जा रही है। इससे पहले कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है। पार्टी ने रविवार को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े उन तमाम घटनाक्रमों को सामने रखा, जो अब तक चर्चा में थे लेकिन औपचारिक बहस से बाहर रहे। खास बात यह रही कि कांग्रेस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भी मुद्दा बनाया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत पर व्यापार रोकने की धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाया।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद कांग्रेस ने तुरंत दो दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने तब कोई सुनवाई नहीं की। रमेश ने कहा कि अभी जो 16 घंटे की बहस लोकसभा में और उसके बाद राज्यसभा में होने जा रही है, वह देर से हो रही है लेकिन अच्छा है कि हो रही है।
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सीडीएस की स्वीकारोक्ति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बयान
रमेश ने बताया कि 30 मई को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने सिंगापुर में स्वीकार किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के पहले दो दिन रणनीतिक चूकें हुईं। इसके बाद 29 जून को इंडोनेशिया में भारतीय रक्षा अधिकारी ग्रुप कैप्टन शिव कुमार ने संकेत दिया कि राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते ऑपरेशन प्रभावित हुआ और भारतीय वायुसेना को भी नुकसान उठाना पड़ा।
चीन से टकराव और जम्मू-कश्मीर एलजी का बयान
जयराम रमेश ने आगे बताया कि चार जुलाई को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को चीन से तकनीकी और सामरिक टकराव का सामना करना पड़ा। वहीं, 14 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि पहलगाम आतंकी हमला सुरक्षा एजेंसियों की विफलता का नतीजा था। और वो इसकी जिम्मेदारी लेते हैं।
ये भी पढ़ें- 'लोगों की आंखों में आंसू... दिलों में ज्वाला थी'; बिहार के बलिदानी सपूत को नमन कर बोले PM मोदी
ट्रंप के दावे और अमेरिका-पाक रिश्तों पर सवाल
कांग्रेस ने ट्रंप के बार-बार किए जा रहे उस दावे को भी मुद्दा बनाया जिसमें वे कहते रहे कि उन्होंने भारत को व्यापारिक धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर रुकवाया। रमेश ने यह भी कहा कि ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को लंच पर बुलाया, जो अभूतपूर्व है। अमेरिकी कमांड और विदेश मंत्री द्वारा पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी भूमिका की तारीफ पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
ये भी पढ़ें- देश के 12 मराठा किलों को UNESCO की सूची में शामिल होने पर पीएम मोदी ने जताई खुशी, जानें क्या कहा?
मीडिया नैरेटिव और सरकार की भूमिका
कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय मीडिया के एक वर्ग पर भी निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय के मीडिया मैनेजर्स ने ‘मनगढ़ंत नैरेटिव’ गढ़वाया, जो केवल घरेलू दर्शकों के बीच ही चला। रमेश ने कहा कि अब जबकि संसद में बहस हो रही है, विपक्ष पूरी तैयारी के साथ सरकार को कटघरे में खड़ा करेगा।
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद कांग्रेस ने तुरंत दो दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने तब कोई सुनवाई नहीं की। रमेश ने कहा कि अभी जो 16 घंटे की बहस लोकसभा में और उसके बाद राज्यसभा में होने जा रही है, वह देर से हो रही है लेकिन अच्छा है कि हो रही है।
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सीडीएस की स्वीकारोक्ति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बयान
रमेश ने बताया कि 30 मई को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने सिंगापुर में स्वीकार किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के पहले दो दिन रणनीतिक चूकें हुईं। इसके बाद 29 जून को इंडोनेशिया में भारतीय रक्षा अधिकारी ग्रुप कैप्टन शिव कुमार ने संकेत दिया कि राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते ऑपरेशन प्रभावित हुआ और भारतीय वायुसेना को भी नुकसान उठाना पड़ा।
चीन से टकराव और जम्मू-कश्मीर एलजी का बयान
जयराम रमेश ने आगे बताया कि चार जुलाई को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को चीन से तकनीकी और सामरिक टकराव का सामना करना पड़ा। वहीं, 14 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि पहलगाम आतंकी हमला सुरक्षा एजेंसियों की विफलता का नतीजा था। और वो इसकी जिम्मेदारी लेते हैं।
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ट्रंप के दावे और अमेरिका-पाक रिश्तों पर सवाल
कांग्रेस ने ट्रंप के बार-बार किए जा रहे उस दावे को भी मुद्दा बनाया जिसमें वे कहते रहे कि उन्होंने भारत को व्यापारिक धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर रुकवाया। रमेश ने यह भी कहा कि ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को लंच पर बुलाया, जो अभूतपूर्व है। अमेरिकी कमांड और विदेश मंत्री द्वारा पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी भूमिका की तारीफ पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
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मीडिया नैरेटिव और सरकार की भूमिका
कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय मीडिया के एक वर्ग पर भी निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय के मीडिया मैनेजर्स ने ‘मनगढ़ंत नैरेटिव’ गढ़वाया, जो केवल घरेलू दर्शकों के बीच ही चला। रमेश ने कहा कि अब जबकि संसद में बहस हो रही है, विपक्ष पूरी तैयारी के साथ सरकार को कटघरे में खड़ा करेगा।