पद्मावत: विरोध में उतरे दिग्विजय-वीके सिंह, ओवैसी बोले- 56 इंच का सीना केवल मुस्लिमों के लिए है?
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संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत भारी विरोध के बाद आज देश में रिलीज हो गई। यह फिल्म कई भाषाओं में 6 से 7 हजार स्क्रीन्स पर रिलीज की गई है। करणी सेना ने इस फिल्म के खिलाफ पूरे देश में बंद का ऐलान किया है।
हालांकि कई राज्यों में सिनेमाघरों के मालिकों ने फैसला किया है कि वो फिल्म नहीं दिखाएंगे। फिल्म रिलीज के मौके पर सियासी दलों और नेताओं ने भी जमकर बयानबाजी की।
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जो कुछ भी हो रहा है यह बीजेपी की 'पाकोडा' राजनीति के तहत की जा रही है। ओवैसी ने पीएम पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधान मंत्री और उनकी पार्टी ने बवालियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। क्या केवल मुस्लिमों के लिए 56 इंच की छाती दिखाई जाती है।
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि यह फिल्म पुराने जख्मों को कुदेरती है, इस तरह की फिल्मों को नहीं बनाया जाना चाहिए। क्योंकि ऐसी फिल्मों का कोई ऐतिहासिक मूल्य नहीं होता।
उन्होंने कहा कि अगर इसका इतिहास के साथ कुछ नहीं करना है तो आप इसे क्यों बना रहे हैं? उन्होंने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस मामले पर अपना रुख क्यों स्पष्ट नहीं कर रहे?
It opens old wounds, and that is why such films should not be made. what is the historical value of it? Zero. They say it has nothing to do with history, then why are you making it? Also, why is Rahul Gandhi not taking a stand on it?: Subramanian Swamy,BJP #Padmaavat pic.twitter.com/Hzczhf9aiT
— ANI (@ANI) January 25, 2018
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि ऐसी फिल्मों को नहीं बनना चाहिए जो किसी जाति या क्षेत्र की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हो। वहीं यूनियन मिनिस्टर वीके सिंह ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इतिहास में तोड़ मरोड़ करने की इजाजत नहीं देती।
इसलिए जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनके साथ बैठ कर इस मुद्दे को सुलझाया जाये। उन्होंने कहा कि जब मुद्दे सहमति से नहीं सुलझते तो उसमें गड़बड़ होती है।
आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पद्मावत विवाद के मुद्दे पर गुड़गांव में बच्चों की बस पर हुए हमले की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि बच्चों के खिलाफ हिंसा को जायज नहीं ठहराया जा सकता। हिंसा और नफरत कमजोर लोगों के हथियार हैं। बीजेपी इसे पूरे देश में फैला रही है।
Abhivyakti ki swatantrta itihaas ko todphod karne ki ijazat nahi deti, toh jo viroh kar rahe hain unke saath baith ke isko suljhaya jaye,jab cheezen sehmati se nahi hoti hain toh phir usme gadbad hoti hai: VK Singh,Union Minister #Padmaavat pic.twitter.com/gfzgtaQbwE
— ANI (@ANI) January 25, 2018
Films which hurt sentiments of any religion or caste should not be made: Digvijaya Singh on #Padmaavat pic.twitter.com/NdhEXMVKxQ
— ANI (@ANI) January 25, 2018