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अर्थव्यवस्था डूबती जा रही है और सरकार को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा : चिदंबरम
Tue, 07 Jan 2020 04:10 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 07 Jan 2020 04:10 AM IST
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पी चिदंबरम (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
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कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार डूबती जा रही है और मोदी सरकार को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है कि इस हालात से कैसे निपटें। उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) आरएसएस-भाजपा के हिंदू राष्ट्र की योजना का हिस्सा हैं।
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चिदंबरम ने कहा कि ईरान-अमेरिका संकट के कारण तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। यही स्थिति रही तो 1991 जैसे आर्थिक हालात हो सकते हैं लेकिन सरकार इस हालात से बुद्धिमानी से निपटने में असमर्थ है। एनआरसी-सीएए-एनपीआर हिंदू राष्ट्र के विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आरएसएस-भाजपा की योजना का हिस्सा है। भारत का संविधान समानता के मूल्यों, कानूनों के समान संरक्षण, धर्मनिरपेक्षता, मानवतावाद और सांविधानिक नैतिकता का प्रतीक है।
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उन्होंने कहा, हम आभारी हैं कि छात्र और युवा विरोध में सबसे आगे हैं। जब हम देखते हैं कि हजारों युवा पुरुष और महिलाएं स्वतंत्रता, समानता, कानून के समान संरक्षण, बहुलवाद, धर्मनिरपेक्षता और सांविधानिक नैतिकता के लिए खड़े हैं तो हमें संतुष्टि मिलती है।
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