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चिदंबरम पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- माफ कीजिए श्रीमान सिब्बल, हम सुनवाई नहीं कर सकते

Wed, 21 Aug 2019 09:05 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Wed, 21 Aug 2019 09:05 PM IST
सार

  • आईएनएस मीडिया केस में हाईकोर्ट ने कहा- चिदंबरम ही मुख्य साजिशकर्ता जमानत देना ठीक नहीं
  • एक साल से जमानत पर हैं चिदंबरम, 25 जुलाई 2018 को गिरफ्तारी से मिली थी अंतरिम राहत
  • मंगलवार देर शाम सीबीआई और ईडी की टीम को घर पर नहीं मिले थे चिदंबरम
  • सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है
  • चिदंबरम के खिलाफ ईडी ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया
  • सीबीआई और ईडी ने कोर्ट में अलग-अलग कैविएट दायर की

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P Chidambaram INX Media Case Live Updates, Supreme Court anticipatory bail pleas
पी चिदंबरम

विस्तार

आईएनएक्स मीडिया मामले में मुश्किल में फंसे चिदंबरम रात करीब 8 बजे कांग्रेस दफ्तर पहुंचे और प्रेस कांफ्रेंस की। इसके बाद वह जोरबाग स्थित अपने घर पहुंचे। सीबीआई टीम भी उनके पीछे-पीछे घर पहुंची। इससे पहले उन्हें सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। 
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आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तारी के खतरे का सामना कर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट से राहत पाने में बुधवार को दो बार नाकाम रहे। सुप्रीम कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया मामलों में गिरफ्तारी से राहत देने की मांग वाली चिदंबरम की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को तय की। 
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यूपीए सरकार में 2004 से 2014 के दौरान गृह मंत्री और वित्त मंत्री रहे चिदंबरम ने दिल्ली उच्च न्यायालय के मंगलवार के फैसले पर रोक की मांग की है, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी और सीबीआई और ईडी की तरफ से दायर मामलों में गिरफ्तारी की राह आसान कर दी। 
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उनकी याचिका का वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति एम शांतनगौडर और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ के समक्ष पहले बुधवार सुबह उल्लेख किया, जिसने इसे तत्काल सुनवाई पर विचार करने के लिए प्रधान न्यायाधीश के समक्ष उठाने को कहा।

चिदंबरम का पक्ष रख रहे वकीलों की टीम को तत्काल सूचीबद्ध किए जाने पर जब किसी तरह की सूचना नहीं मिली तो सिब्बल ने भोजनावकाश के बाद बैठी उसी पीठ के सामने फिर से इसका उल्लेख किया। सिब्बल के साथ मौजूद अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं विवेक तन्खा और इंदिरा जयसिंह ने पीठ को बताया कि अब जांच एजेंसियों ने चिदंबरम के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है जैसे कि वह भागने वाले हैं। 

शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिका में खामियों को अभी-अभी दुरुस्त किया गया है और इसे तत्काल सुनवाई के लिए आज सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता। पीठ ने कहा कि याचिका को सूचीबद्ध किए बिना, हम मामले पर सुनवाई नहीं कर सकते। 

सिब्बल ने जब मामले पर आज ही सुनवाई करने की मांग दोहराई तो पीठ ने कहा कि माफ कीजिए श्रीमान सिब्बल। हम मामले पर सुनवाई नहीं कर सकते। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मौखिक उल्लेख के आधार पर चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई का यह कहकर विरोध किया कि उनके पास कागजात नहीं हैं। 

भोजनावकाश के बाद पीठ के फिर से बैठने पर सिब्बल ने कहा कि वह एक बार फिर सूचीबद्ध किए जाने के लिए मामले का उल्लेख कर रहे हैं क्योंकि उन्हें इसे सूचीबद्ध किए जाने को लेकर रजिस्ट्री से कुछ भी पता नहीं चला है। पीठ ने उनसे कहा कि याचिका में कुछ खामियां थीं और रजिस्ट्री ने उसे इस बारे में सूचित किया है। 

सीबीआई ने जारी किया लुकआउट नोटिस

आज सीबीआई ने भी पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के विरूद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया है ताकि उन्हें देश से बाहर जाने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने सभी हवाई अड्डों को सतर्क कर दिया है ताकि चिदंबरम को कोई उड़ान पकड़ने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि परिपत्र हाल में जारी किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने भी आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के विरूद्ध एक नया लुक आउट परिपत्र जारी किया है।

आज क्या-क्या हुआ?  

चिदंबरम को नहीं मिली राहत 

पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से आज भी राहत नहीं मिली। दिनभर की भागदौड़ के बाद उनके वकीलों को निराशा हाथ लगी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। अब अगले दो दिन चिदंबरम के लिए मुश्किल भरे रहेंगे। सीबीआई और ईडी की टीमें उनके पीछे हैं और उनका कोई अता पता नहीं है। 

तुरंत सुनवाई में चिदंबरम की याचिका का जिक्र नहीं 

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की संवैधानिक पीठ जब अयोध्या मामले पर सुनवाई कर रही थी उस वक्त चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद और विवेक तनखा वहां मौजूद थे। लेकिन इस दौरान उन्होंने तुरंत सुनवाई की सूची में चिदंबरम की याचिका का जिक्र नहीं किया।  

सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने अलग-अलग कैविएट याचिका दायर की

सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अलग-अलग कैविएट याचिका दायर किया है जिससे चिदंबरम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कैविएट याचिका दाखिल होने के बाद कोर्ट को सभी पक्षों का मत जानना जरुरी होता है। सुप्रीम कोर्ट में दायर स्पेशल लीव पिटीशन में खामी होने के कारण सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने सीजेआई रंजन गोगोई के सामने केस को लिस्ट नहीं किया था हालांकि, अब उस खामी को दूर कर लिया गया है। 



चिदंबरम के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी
पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। स्पेशल लीव पिटीशन पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एनवी रामाना ने पी चिदंबरम की याचिका को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के समक्ष सुनवाई के लिए भेज दिया है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने चिदंबरम की सड़क, वायु और समुद्र मार्ग से आवाजाही रोकने के लिए उनके खिलाफ नया लुकआउट सर्कुलर जारी किया है।

कब होगी सुनवाई, समय निश्चित नहीं
चिदंबरम के वकील ने इस मामले को चीफ जस्टिस के सामने तुरंत सुनवाई के लिए पहले से सूचीबद्ध नहीं किया था। फिलहाल सीजेआई की अध्यक्षता में पांच जजों की संवैधानिक बेंच अयोध्या केस की सुनवाई कर रही है। चिदंबरम के मामले की सुनवाई कब होगी यह अभी निश्चित नहीं हुआ है।

पी चिदंबरम के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दायर की
पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका रद्द करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अंतरिम राहत की मांग करते हुए उनके वकीलों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर की गई है। जिसपर सुनवाई थोड़ी देर बाद की जाएगी। सुनवाई के लिए वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद और विवेक तन्खा कोर्टरूम में मौजूद हैं। 

आज फिर सीबीआई की टीम पहुंची चिदंबरम के आवास
पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में बुधवार सुबह फिर सीबीआई की टीम उनके घर पहुंची, लेकिन वह नहीं मिले। इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री की कानूनी टीम ने सीबीआई को पत्र लिख उच्चतम न्यायालय में बुधवार को उनकी याचिका पर सुनवाई से पहले उनके खिलाफ किसी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई ना करने की अपील की।

मंगलवार को भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय की संयुक्त टीम शाम करीब 6.30 बजे उनके घर पहुंची थी। घर पर नहीं मिलने के बाद सीबीआई ने चिदंबरम को दो घंटे के अंदर पेश होने का नोटिस जारी किया था। 

दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी अग्रिम जमानत याचिका
बता दें, मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने यह भी गौर किया कि जब कांग्रेस नेता को अदालत से राहत मिली हुई थी, उन्होंने पूछताछ में जांच एजेंसियों को स्पष्ट जवाब नहीं दिया। अदालत ने मामले में उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से भी इनकार कर दिया।

 

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर केंद्र पर साधा निशाना

राज्यसभा का एक अत्यंत योग्य और सम्मानित सदस्य पी चिदंबरम जी ने वित्त मंत्री और गृह मंत्री के रूप में दशकों तक निष्ठा के साथ हमारे देश की सेवा की है। वह अनजाने में सत्ता के लिए सच बोलते हैं और इस सरकार की विफलताओं को उजागर करते हैं, लेकिन सच्चाई कायरों के लिए असुविधाजनक है इसलिए उसे शर्मनाक तरीके से शिकार बनाया जा रहा है। हम उनके साथ खड़े हैं और सच्चाई के लिए लड़ते रहेंगे चाहे कोई भी परिणाम हो।
 
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