ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में आधार, हड़ताल, डब्बा और शादी जैसे भारतीय शब्दों को जगह
- 26 जोडे़ गए नए शब्दों के साथ भारतीय अंग्रेजी के अब 384 शब्द
- चैटबोट, फेक न्यूज और माइक्रोप्लास्टिक जैसे 1,000 नए शब्द शामिल
विस्तार
ऑक्सफोर्ड एडवांस लर्नर्स डिक्शनरी के नए संस्करण में हर साल की तरह इस बार भी भारतीय अंग्रेजी शब्दों को जगह मिली है। इस बार इसमें आधार, चॉल, डब्बा, हड़ताल और शादी जैसे 26 नए भारतीय अंग्रेजी शब्दों को शामिल किया गया है।
डिक्शनरी के इस 10वें संस्करण में फिलहाल 384 भारतीय अंग्रेजी शब्द हैं। ऑक्सफोर्ड के शुक्रवार को लॉन्च किए गए इस संस्करण में चैटबोट, फेक न्यूज और माइक्रोप्लास्टिक जैसे 1,000 नए शब्द भी शामिल किए गए हैं।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस की प्रबंध निदेशक (शिक्षा प्रभाग) फातिमा दादा ने कहा, डिक्शनरी में भाषा परिवर्तन और उसके विकास पर ध्यान दिया गया है। यह भी ख्याल रखा गया है कि नए संस्करण में इस्तेमाल की गई भाषा और दिए गए उदाहरण समय के साथ प्रासंगिक और अपडेट हों। नए संस्करण में डिक्शनरी की वेबसाइट पर ऑडियो-विडियो टूटोरियल से लैस एडवांस फीचर को भी शामिल किया गया है।
बस स्टैंड जैसे 22 शब्द प्रिंट, लुटेरा जैसे 4 शब्द ऑनलाइन संस्करण में
फातिमा दादा ने बताया कि जिन 26 भारतीय शब्दों को शामिल किया गया है, उनमें से 22 को प्रिंट संस्करण में और चार को डिजिटल संस्करण में रखा गया है। कुछ अन्य भारतीय अंग्रेजी शब्द जिनको शब्दकोश में जगह मिली है वे हैं आंटी (पहले से मौजूद ऑन्ट शब्द का भारतीय रूप), बस स्टैंड, डीम्ड यूनिवर्सिटी, एफआईआर, नॉन-वेज, रिड्रेसल, टेम्पो, ट्यूब लाइट, वेज और वीडियोग्राफ। शब्दकोश के ऑनलाइन संस्करण में चार नए भारतीय अंग्रेजी शब्द करंट (बिजली), लुटेरा, लूटपाट और उपजिला शामिल हैं।
प्रचलित और आम बोलचाल के शब्दों के चयन के मुख्य आधार
दादा ने बताया कि प्रचलन और सामान्य इस्तेमाल शब्दों के चयन का मुख्य आधार बनाया गया है। हम दुनिया भर में अंग्रेजी बोलने में इस्तेमाल किए गए शब्दों का आकलन करते हैं। इसके बाद शब्दों को गहन परीक्षण प्रक्रिया से गुजारा जाता है।
मूल रूप में 1942 में जापान में प्रकाशित
दादा ने यह भी बताया कि डिक्शनरी के एप पर 86,000 शब्द, 95,000 वाक्यांश, 1,12,000 अर्थ और 2,37,000 उदाहरण हैं। इस शब्दकोश का 77 साल का इतिहास है और मूल रूप से इसे 1942 में जापान में प्रकाशित किया गया था और 1948 में पहली बार ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने इसका प्रकाशन किया।