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India-Russia: अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद सतर्क हुई OVL, रूस के वेंकोर ऑयलफील्ड में हिस्सेदारी पर ली कानूनी राय

Sun, 26 Oct 2025 02:23 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 26 Oct 2025 02:23 PM IST
सार

India Russia Oilfield: अमेरिका द्वारा रूस की ऑयल कंपनियों पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद, ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने कानूनी राय मांगी है। कंपनी रूस के वेंकोर ऑयलफील्ड में भारतीय हिस्सेदारी पर प्रतिबंधों के संभावित असर का मूल्यांकन कर रही है।

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OVL seeks legal advice after US sanctions Russian Vankor oilfield with Indian stake hindi news
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका द्वारा रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने कानूनी सलाह ली है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि प्रतिबंधों की सूची में वेंकोर ऑयलफील्ड भी शामिल है, जिसमें भारतीय कंपनियों की 49.9% हिस्सेदारी है।

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रूस की कई सहायक कंपनियों पर प्रतिबंध
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी वित्त विभाग की OFAC इकाई ने 22 अक्तूबर को रूस की कई सहायक कंपनियों को प्रतिबंधित सूची में डाला था। इनमें CJSC Vankorneft भी शामिल है, जिसमें OVL की 26% हिस्सेदारी है, जबकि ऑयल इंडिया लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोरिसोर्सेज लिमिटेड का संयुक्त हिस्सा 23.9% है।
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रूस की रोसनेफ्ट कंपनी के पास 50.1% हिस्सेदारी है। हालांकि OVL और अन्य भारतीय कंपनियों का कहना है कि उनका 50% से कम शेयर है, इसलिए अमेरिकी प्रतिबंध सीधे उन पर लागू नहीं होते। फिर भी किसी संभावित जोखिम से बचने के लिए OVL ने देशी और अंतरराष्ट्रीय कानूनी विशेषज्ञों से राय मांगी है।
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सूत्रों के अनुसार, भारतीय कंपनियों को वेंकोर ऑयलफील्ड से प्रत्यक्ष तेल नहीं मिलता, बल्कि उन्हें डिविडेंड (लाभांश) के रूप में हिस्सा मिलता है। फिलहाल रूस पर जारी प्रतिबंधों के कारण भारतीय कंपनियां पिछले तीन वर्षों से अपने डिविडेंड की रकम वापस नहीं ला पाई हैं, जो अब तक करीब 1.4 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है।


ओएनजीसी की विदेश शाखा (ओवीएल) ने 2016 में रोसनेफ्ट से 15% हिस्सेदारी 1.28 अरब डॉलर में खरीदी थी और उसी वर्ष अतिरिक्त 11% हिस्सेदारी 930 मिलियन डॉलर में हासिल की थी। इसके अलावा, भारतीय कंसोर्टियम ने 23.9% शेयर 2.02 अरब डॉलर में खरीदे थे। वेंकोर ऑयलफील्ड, जो रूस के वेस्ट साइबेरियन बेसिन में स्थित है, लगभग 416.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यह रूस के प्रमुख तेल उत्पादन केंद्रों में से एक है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंधों का अप्रत्यक्ष असर पड़ता है, तो इसका असर डॉलर ट्रांजेक्शन और विदेशी निवेश पर भी हो सकता है। इसलिए OVL किसी भी संभावित उल्लंघन से पहले कानूनी रूप से पूरी स्थिति स्पष्ट करना चाहती है।

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