फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Oil Price Cap India Can Buy Russian Oil As Much India Wants Says American Finance Minister News in Hindi

Oil Price Cap: रूस से चाहे जितना तेल खरीदे भारत, प्राइस कैप को लेकर अमेरिकी वित्त मंत्री ने कही यह बात

Sat, 12 Nov 2022 08:44 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 12 Nov 2022 08:44 AM IST
सार

भारत अमेरिका आर्थिक साझेदारी पर बैठक में भाग लेने नई दिल्ली आईं येलेन ने कहा कि प्राइस कैप के चलते रूस ज्यादा तेल बेचने में सक्षम नहीं होगा। रूस के लिए तेल निर्यात जारी रखना बहुत मुश्किल होगा। यूरोपीय संघ ने उससे तेल खरीदना बंद कर दिया है। 

विज्ञापन
Oil Price Cap India Can Buy Russian Oil As Much India Wants Says American Finance Minister News in Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

यूक्रेन पर हमले के बाद से रूस के तेल निर्यात पर पाबंदियां जारी हैं, हालांकि, भारत इससे अप्रभावित रहा है। इस बीच, भारत यात्रा पर आईं अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने स्पष्ट किया है कि इंडिया रूस से जितना चाहे उतना तेल खरीद सकता है। अधिकतम तेल मूल्य की सीमा (price cap) से ऊपर वह रूसी तेल खरीद सकता है। 

विज्ञापन


येलेन ने कहा कि यदि भारत व अन्य देश रूस से सौदेबाजी कर फायदा उठाते हैं तो अमेरिका को खुशी होगी। भारत चीन के अलावा रूस का सबसे बड़ा तेल ग्राहक है। जी-7 देश 5 दिसंबर से रूस के तेल का अधिकतम मूल्य तय करने वाले हैं। हालांकि, इसका अंतिम विवरण अभी आने वाला है। येलेन ने कहा कि रूस तेल मूल्य की सौदेबाजी कर रहा है और हमें खुशी है कि भारत अफ्रीका या चीन सौदेबाजी के जरिए रूस से तेल खरीद रहे हैं। येलेन ने शुक्रवार को कहा कि भारत रूस से जितना चाहे उतना तेल खरीद सकता है। जी-7 की प्राइस कैप से अधिक पर भी वह तेल खरीद सकता है। प्राइस कैप से विश्व में तेल कीमतें घटेंगीं, वहीं रूस का राजस्व भी घटेगा। 
विज्ञापन


भारत अमेरिका आर्थिक साझेदारी पर बैठक में भाग लेने नई दिल्ली आईं येलेन ने कहा कि प्राइस कैप के चलते रूस ज्यादा तेल बेचने में सक्षम नहीं होगा। रूस के लिए तेल निर्यात जारी रखना बहुत मुश्किल होगा। यूरोपीय संघ ने उससे तेल खरीदना बंद कर दिया है। ऐसे में रूस को चीन के अलावा खरीददार ढूंढना मुश्किल होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


येलेन ने स्पष्ट किया कि यदि भारत बीमा व अन्य पश्चिमी वित्तीय सेवाओं का उपयोग करना चाहता है तो उसे प्राइस कैप का पालन करना पड़ेगा। इससे उसे विश्व बाजार में छूट पाने का मौका मिलेगा। हमें उम्मीद है कि प्राइस कैप का भारत को फायदा मिलेगा। 


जयशंकर ने कहा था भारत रूस से तेल खरीदी जारी रखेगा
अमेरिकी वित्त मंत्री येलेन की यह टिप्पणी भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर के बयान के बाद आई है। जयशंकर ने पिछले सप्ताह कहा था कि उनका देश रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा, क्योंकि इससे भारत को लाभ होता है। हालांकि, येलेन के बयान पर  वित्त और ऊर्जा मंत्रालय ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन अन्य अधिकारियों ने कहा है कि प्राइस कैप को लेकर सतर्क हैं। ऐसा नहीं लगता है कि भारत प्राइस कैप का पालन करेगा। हमने दूसरे देशों को भी बता दिया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed