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अखिलेश की नाराजगी के बाद वेबसाइट से हटाया मुख्तार की शिफ्टिंग का आदेश

Fri, 24 Jun 2016 01:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा Updated Fri, 24 Jun 2016 01:42 AM IST
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order of shifting mukhtar ansari has been revoked from website
मुख्तार अंसारी की शिफ्टिंग के आदेश को हटाया।

बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के समाजवादी पार्टी में विलय से पहले ही कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग ने उन्हें आगरा जेल से लखनऊ शिफ्ट करने का आदेश जारी कर दिया था। उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर यह 20 जून को अपलोड कर दिया गया, लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नाराजगी के बाद सभी सरकारी वेबसाइटों से जेल शिफ्टिंग के आदेश को हटवा दिया गया।

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सोमवार 20 जून को केंद्रीय कारागार आगरा में विधायक/विचाराधीन बंदी मुख्तार अंसारी पुत्र सुभानउल्लाह अंसारी, गाजीपुर को अन्यत्र कारागार में शिफ्ट करने का आदेश वेबसाइट पर अपलोड किया गया। 227/2016/2781 जेएल/22-3-16-100 नंबर के इस शासनादेश को विवाद शुरू होने के महज 15 मिनट के भीतर ही हटा दिया गया। यही नहीं, कारागार प्रशासन ने इस शासनादेश को 227 नंबर पर दर्ज किया है, लेकिन कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग के आदेशों में 225, 226, 228, 229, 230 नंबर का आदेश तो है, लेकिन 227 नंबर का आदेश नहीं है।
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जेल अफसरों ने ली राहत की सांस

order of shifting mukhtar ansari has been revoked from website

बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को लखनऊ जेल शिफ्ट कर दिए जाने से आगरा सेंट्रल जेल के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी राहत महसूस कर रहे हैं। मुख्तार के रहते दो तरह की टेंशन थी। वह यहां छह साल रहे। जेल सूत्रों ने बताया कि एक तो उनके भोजन का इंतजाम करना पड़ता था।

शासन की अनुमति से अलग कुक मिला हुआ था। दूसरा उनकी सुरक्षा। उन्होंने कई बार अपनी जान का खतरा बताया। इसके चलते अतिरिक्त चौकसी रखी जाती थी। सेंट्रल जेल आगरा के अधीक्षक संत लाल यादव का कहना है कि मुख्तार अंसारी का लखनऊ जेल में शिफ्टिंग का आदेश आया था। इसी पर उन्हें शिफ्ट किया गया।

जब रात भर जागे मुख्तार
किस्सा ढाई साल पुराना है। माफिया डान ब्रिजेश सिंह को पेशी पर आगरा से होकर ले जाया जा रहा था। रात हो गई थी। प्रशासन के आदेश पर उन्हें सेंट्रल जेल में एक रात के लिए रोका गया। जेल सूत्रों ने बताया कि इसकी खबर जैसे ही मुख्तार तक पहुंची, वह टेंशन में आ गए। उनकी ब्रिजेश से दुश्मनी बताई जाती है। उस रात को वह जागते रहे और अपनी बैरक के गेट पर झांकते रहे। सुबह ब्रिजेश को ले जाया गया।

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