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Adani: पर्यावरण मंत्रालय में अदाणी एनर्जी के सलाहकार को नियुक्त करने का आरोप, विपक्ष ने खोला मोर्चा
Tue, 14 Nov 2023 03:52 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 14 Nov 2023 03:52 PM IST
सार
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पर्यावरण मंत्रालय की ईएसी समिति ही प्रोजेक्ट्स पर चर्चा और उसे मंजूरी देने का फैसला करती है।
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अदाणी समूह के कई पावर प्लांट को मिलनी है मंजूरी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्र सरकार ने बीते दिनों जनार्दन चौधरी को पर्यावरण मंत्रालय की एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (EAC) में बतौर सदस्य नियुक्त किया था। अब यह नियुक्ति सवालों के घेरे में आ गई है और विपक्ष ने इसे लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि जनार्दन चौधरी अदाणी समूह के कर्मचारी हैं और अदाणी समूह की कंपनी अदाणी एनर्जी से बतौर सलाहकार जुड़े हुए हैं।
समिति ने हाल ही में सतारा प्लांट को दी मंजूरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने जनार्दन चौधरी को सितंबर में नियुक्त किया था। ये समिति ही कई पावर प्रोजेक्ट्स को मंजूर करेंगी और इनमें कई प्रोजेक्ट अदाणी समूह के भी हैं। केरल कांग्रेस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया है, जिसमें लिखा है 'अदाणी प्रधान सेवक ने अदाणी के कर्मचारी जनार्दन चौधरी को पर्यावरण मंत्रालय में ईएसी का सदस्य नियुक्त किया है। इसी समिति को अदाणी समूह के छह प्रोजेक्ट को मंजूरी देनी है।' कांग्रेस का दावा है कि इसी समिति ने हाल ही में अदाणी के 1500 मेगावाट वाले सतारा प्लांट को भी मंजूरी दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पर्यावरण मंत्रालय की ईएसी समिति ही प्रोजेक्ट्स पर चर्चा और उसे मंजूरी देने का फैसला करती है। 27 सितंबर को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने साथ पानी से बिजली बनाने वाले प्रोजेक्ट और नदी घाटी परियोजनाओं को मंजूरी देने वाली समिति का पुनर्गठन किया था। इस समिति में जिन नौ गैर-संस्थागत सदस्यों को शामिल किया गया, उनमें जनार्दन चौधरी का नाम भी शामिल है।
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शिवसेना सांसद ने लगाए गंभीर आरोप
शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सोशल मीडिया पर साझा किए एक पोस्ट में इस पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि अदाणी एनर्जी के प्रोजेक्ट्स जिनमें 850 मेगावाट वाला आंध्र प्रदेश का रायवाड़ा प्रोजेक्ट, 1800 मेगावाट का पेडाकोटा प्रोजेक्ट, 2100 मेगावाट वाला महाराष्ट्र का पटगांव प्रोजेक्ट, 2450 मेगावाट वाला कोयना-निवाकाने प्रोजेक्ट, 1500 मेगावाट वाले मालशेज घाट भोरांडे प्रोजेक्ट और 1500 मेगावाट वाले तराली प्रोजेक्ट को ईएसी ने 17 अक्तूबर 2023 को ही मंजूरी दी है।
महुआ मोइत्रा ने भी सरकार पर साधा निशाना
प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि 'ईएसी समिति हितों के टकराव को लेकर क्या सोचती है? समिति के अन्य सदस्य कौन हैं? एक सदस्य निजी कंपनी के सलाहकार हैं और हैरानी की बात है कि वह अदाणी एनर्जी से हैं। दोस्ती हो तो ऐसी।' विवादों में घिरीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस पर सवाल उठाए।
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समिति ने हाल ही में सतारा प्लांट को दी मंजूरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने जनार्दन चौधरी को सितंबर में नियुक्त किया था। ये समिति ही कई पावर प्रोजेक्ट्स को मंजूर करेंगी और इनमें कई प्रोजेक्ट अदाणी समूह के भी हैं। केरल कांग्रेस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया है, जिसमें लिखा है 'अदाणी प्रधान सेवक ने अदाणी के कर्मचारी जनार्दन चौधरी को पर्यावरण मंत्रालय में ईएसी का सदस्य नियुक्त किया है। इसी समिति को अदाणी समूह के छह प्रोजेक्ट को मंजूरी देनी है।' कांग्रेस का दावा है कि इसी समिति ने हाल ही में अदाणी के 1500 मेगावाट वाले सतारा प्लांट को भी मंजूरी दी है।
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मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पर्यावरण मंत्रालय की ईएसी समिति ही प्रोजेक्ट्स पर चर्चा और उसे मंजूरी देने का फैसला करती है। 27 सितंबर को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने साथ पानी से बिजली बनाने वाले प्रोजेक्ट और नदी घाटी परियोजनाओं को मंजूरी देने वाली समिति का पुनर्गठन किया था। इस समिति में जिन नौ गैर-संस्थागत सदस्यों को शामिल किया गया, उनमें जनार्दन चौधरी का नाम भी शामिल है।
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शिवसेना सांसद ने लगाए गंभीर आरोप
शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सोशल मीडिया पर साझा किए एक पोस्ट में इस पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि अदाणी एनर्जी के प्रोजेक्ट्स जिनमें 850 मेगावाट वाला आंध्र प्रदेश का रायवाड़ा प्रोजेक्ट, 1800 मेगावाट का पेडाकोटा प्रोजेक्ट, 2100 मेगावाट वाला महाराष्ट्र का पटगांव प्रोजेक्ट, 2450 मेगावाट वाला कोयना-निवाकाने प्रोजेक्ट, 1500 मेगावाट वाले मालशेज घाट भोरांडे प्रोजेक्ट और 1500 मेगावाट वाले तराली प्रोजेक्ट को ईएसी ने 17 अक्तूबर 2023 को ही मंजूरी दी है।
महुआ मोइत्रा ने भी सरकार पर साधा निशाना
प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि 'ईएसी समिति हितों के टकराव को लेकर क्या सोचती है? समिति के अन्य सदस्य कौन हैं? एक सदस्य निजी कंपनी के सलाहकार हैं और हैरानी की बात है कि वह अदाणी एनर्जी से हैं। दोस्ती हो तो ऐसी।' विवादों में घिरीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस पर सवाल उठाए।