विपक्ष के तेवर बरकरार, संसद में फिर हंगामे को तैयार
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संसद में सोमवार से शुरू हो रहा अगला हफ्ता भी हंगामेदार रहेगा। विपक्ष के तीखे तेवर बरकरार है। कांग्रेस ने अपने सांसदों को नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार को घेरने के वास्ते सदन में रहने के लिए व्हीप जारी किया है। साथ ही प्रधानमंत्री का मुरादाबाद की रैली में दिया भाषण भी निशाने पर रहेगा।
विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री के इस भाषण से राज्यों की कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है और देश में अमीर गरीब के बीच युद्घ छिड़ सकता है। आतंकवाद और पाकिस्तान से रिश्तों को लेकर भी सरकार विपक्ष के निशाने पर रहेगी। इसके अलावा एलओसी पर भारत की ओर से सर्जिकल स्ट्राइक पर भी विपक्षी दल सवाल उठाएंगे।
संसद में लगातार तीन हफ्ते न के बराबर सरकारी कामकाज हुआ है। सोमवार से चौथा हफ्ता शुरू हो रहा है। मगर विपक्ष के तीखे तेवरों के चलते चौथे हफ्ते में भी कामकाज होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। यूपी में मुरादाबाद की रैली में प्रधानमंत्री के भाषण को लेकर कांग्रेस, सपा, बसपा समेत तमाम विपक्षी दल निशाना साध सकते हैं।
'प्रधानमंत्री देश में अमीर गरीब के बीच युद्घ छेड़ना चाहते हैं'
राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक सत्यव्रत चतुवेर्दी ने अमर उजाला को कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में बोलना चाहिए। मगर वहां बोलते नहीं। वे संसद के बाहर बयान देते है। कांग्रेस सोमवार को इसे लेकर सदन में आपत्ति दर्ज करेगी। वहीं मुरादाबाद में जनधन खाताधारकों को जमा पैसे को नहीं लौटाने के प्रधानमंत्री के बयान को लेकर सपा सांसद नरेश अग्रवाल राज्यसभा में नोटिस देंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश में अमीर गरीब के बीच युद्घ छेड़ना चाहते हैं। इससे राज्यों में कानून व्यवस्था खराब हो सकती है। साथ ही पार्टी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सरकार से सवाल सवाल करेगी। पार्टी ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर नियम 268 के तहत नोटिस दिया है। अग्रवाल का कहना है कि पार्टी सरकार से इसकी असलियत के बारे में सवाल जवाब करेगी। वहीं बसपा भी नोटबंदी के मुद्दे पर मायावती के नेतृत्व में केंद्र सरकार को फिर निशाने पर लेगी।