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Maharashtra: मंत्री संजय शिरसाट ने उद्धव ठाकरे पर किया पलटवार, सदन में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर कही ये बात
Thu, 27 Mar 2025 04:14 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 27 Mar 2025 04:14 PM IST
सार
महाराष्ट्र में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर सत्ता पक्ष की ओर से विपक्षी दलों पर पलटवार किया गया है। बता दें कि, विधानसभा सत्र की शुरुआत में शिवसेना यूबीटी ने इस पद की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र भी सौंपा था। अब इस मामले में मंत्री संजय शिरसाट ने पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है।
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संजय शिरसाट, मंत्री, महाराष्ट्र
- फोटो : ANI
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विस्तार
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना विधायक संजय शिरसाट ने पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता का पद पाने के लिए विपक्षी दल के पास विधानसभा में आवश्यक संख्या बल होना चाहिए और पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते उद्धव ठाकरे को इस बात का पता होना चाहिए। राज्य में सामाजिक न्याय विभाग संभालने वाले संजय शिरसाट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में पेश किए गए राज्य बजट में उनके विभाग के लिए आवंटन में 7,000 करोड़ रुपये की कटौती की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष उठाया है।
यह भी पढ़ें - Parliament: 'विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जा रहा', विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने ओम बिरला से की मुलाकात
शिवसेना यूबीटी ने की थी नेता प्रतिपक्ष के पद की मांग
बता दें कि, तीन मार्च को राज्य विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने के साथ ही शिवसेना यूबीटी ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) पद के लिए दावा पेश किया और वरिष्ठ विधायक भास्कर जाधव को कैबिनेट स्तर के पद के लिए नामित किया। इसे लेकर शिवसेना यूबीटी ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को इस बारे में एक पत्र सौंपा। इस मामले में उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा था कि 26 मार्च को बजट सत्र समाप्त होने से पहले इस मुद्दे पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
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एनसीपी एसपी ने दिया था ये प्रस्ताव
हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने भी मांग की कि विपक्ष के नेता का पद उनकी पार्टी, कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) - सभी एमवीए घटक - के बीच 18 महीने के लिए बारी-बारी से दिया जाए। लेकिन सत्र के दौरान विपक्ष के नेता के पद पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। राज्य में शिवसेना (यूबीटी) के 20 विधायक हैं, उसके बाद कांग्रेस 16 और एनसीपी (एसपी) के 10 विधायक हैं। 288 सदस्यीय विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद पर दावा करने के लिए किसी विपक्षी पार्टी को कुल सीटों का 10 प्रतिशत (जो 28 होता है) चाहिए।
यह भी पढ़ें - Maharashtra: आरोपी ने जज के जाली हस्ताक्षर किए, बॉम्बे हाईकोर्ट से जालसाजी मामले में ली अग्रिम जमानत
विपक्ष की मांगों पर बोले मंत्री संजय शिरसाट
विपक्षी गठबंधन की मांगों के बारे में पूछे गए सवाल पर संजय शिरसाट ने कहा, 'उद्धव ठाकरे ने पहले ढाई साल तक राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। उन्हें यह समझना चाहिए कि जब आवश्यक संख्या नहीं होती है, तो विपक्ष का नेता नियुक्त नहीं किया जा सकता है।' मंत्री ने कहा, 'अगर वे कुछ मांग रहे हैं, तो यह मांगने का तरीका नहीं है। अगर वे लड़कर विपक्ष के नेता का पद लेना चाहते हैं, तो उन्हें इसके लिए विधायकों की संख्या के मामले में पर्याप्त मजबूत होना चाहिए।'
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शिवसेना यूबीटी ने की थी नेता प्रतिपक्ष के पद की मांग
बता दें कि, तीन मार्च को राज्य विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने के साथ ही शिवसेना यूबीटी ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) पद के लिए दावा पेश किया और वरिष्ठ विधायक भास्कर जाधव को कैबिनेट स्तर के पद के लिए नामित किया। इसे लेकर शिवसेना यूबीटी ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को इस बारे में एक पत्र सौंपा। इस मामले में उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा था कि 26 मार्च को बजट सत्र समाप्त होने से पहले इस मुद्दे पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
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एनसीपी एसपी ने दिया था ये प्रस्ताव
हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने भी मांग की कि विपक्ष के नेता का पद उनकी पार्टी, कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) - सभी एमवीए घटक - के बीच 18 महीने के लिए बारी-बारी से दिया जाए। लेकिन सत्र के दौरान विपक्ष के नेता के पद पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। राज्य में शिवसेना (यूबीटी) के 20 विधायक हैं, उसके बाद कांग्रेस 16 और एनसीपी (एसपी) के 10 विधायक हैं। 288 सदस्यीय विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद पर दावा करने के लिए किसी विपक्षी पार्टी को कुल सीटों का 10 प्रतिशत (जो 28 होता है) चाहिए।
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विपक्ष की मांगों पर बोले मंत्री संजय शिरसाट
विपक्षी गठबंधन की मांगों के बारे में पूछे गए सवाल पर संजय शिरसाट ने कहा, 'उद्धव ठाकरे ने पहले ढाई साल तक राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। उन्हें यह समझना चाहिए कि जब आवश्यक संख्या नहीं होती है, तो विपक्ष का नेता नियुक्त नहीं किया जा सकता है।' मंत्री ने कहा, 'अगर वे कुछ मांग रहे हैं, तो यह मांगने का तरीका नहीं है। अगर वे लड़कर विपक्ष के नेता का पद लेना चाहते हैं, तो उन्हें इसके लिए विधायकों की संख्या के मामले में पर्याप्त मजबूत होना चाहिए।'
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