I.N.D.I.A.: 'देश को उचित एजेंडा दे विपक्षी गठबंधन’, उद्धव ठाकरे की शिवसेना का सुझाव; जानें और क्या कहा
सामना में उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना ने कहा कि सीट-बंटवारे का मुद्दा हर राज्य में शांतिपूर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सभी पार्टियों को एक मजबूत ताने बाने में बुना गया है, लेकिन उचित एजेंडा नहीं रखा गया तो यह व्यर्थ होगा।
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उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना ने I.N.D.I.A गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर विपक्षी गुट देश को उचित एजेंडा नहीं देता है तो उसके घटकों द्वारा तैयार किया गया ताना-बाना बेकार हो जाएगा। बता दें, एक दिन पहले ही मुंबई में विपक्षी गठबंधन इंडिया की बैठक संपन्न हुई है।
मुखपत्र सामना में किया वार
अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा कि सीट-बंटवारे का मुद्दा हर राज्य में शांतिपूर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए।
कल हुई थी बैठक
इंडिया से जुड़े सभी दलों ने शुक्रवार को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों को एक साथ लड़ने की कसम खाई है। साथ ही इस बात भी जोर दिया है कि राज्यों में सीट-बंटवारे की व्यवस्था जल्द से जल्द संपन्न की जाएगी। गौरतलब है, मुंबई के ग्रैंड हयात होटल में दो दिवसीय हुई भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (I.N.D.I.A) गठबंधन की तीसरी बैठक में 28 राजनीतिक दलों के 63 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इनके मतभेद भी मिट रहे
संपादकीय में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में वाम दलों और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच मतभेद हैं, लेकिन दोनों दलों ने इंडिया गठबंधन की बैठक में हिस्सा लिया। इसके अलावा, केरल में भी यही स्थिति देखने को मिली है। यहां कांग्रेस और सीपीआईएम एक दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं।
यह भी दावा
सामना में कहा गया है कि आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब और दिल्ली में कांग्रेस के साथ चर्चा करने की इच्छा जताई है, जबकि महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में कोई बड़ा मतभेद नहीं है। एमवीए, जिसमें शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और शरद पवार के साथ राकांपा समूह शामिल हैं। बता दें, मुंबई में हुई बैठक की मेजबानी एमवीए ने ही की थी।
...तो यह व्यर्थ होगा
संपादकीय में और भी सहयोगियों का खुलासा किया है। इसमें कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस एक साथ आई हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी पार्टियों को एक मजबूत ताने बाने में बुना गया है, लेकिन अगर इनके सामने कोई उचित एजेंडा नहीं रखा गया तो यह व्यर्थ होगा। सामना में कहा गया कि अगर लड़ना है तो सभी 28 दलों को स्वतंत्र बातचीत करनी होगी।
पार्टी ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए केंद्र पर भी निशाना साधा। क्योंकि जिस समय सत्र बुलाया गया है, उस वक्त महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का उत्साह भरा माहौल होगा।