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Armed Forces Briefing: हमारे सभी पायलट सुरक्षित, नौसेना के निशाने पर था कराची; प्रेस ब्रीफिंग की 10 बड़ी बातें
Sun, 11 May 2025 06:35 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 11 May 2025 06:35 PM IST
सार
Armed Forces Briefing: भारत की थल सेना, नौसेना और वायु सेना के डीजीएमओ ने रविवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मीडिया को जानकारी दी। इस दौरान पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई के सबूत दिखाए गए।
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डीजीएमओ की प्रेस वार्ता की प्रमुख बातें
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत की थल सेना, नौसेना और वायु सेना के सैन्य महानिदेशकों (डीजीएमओ) ने रविवार को मीडिया को संबोधित किया। तीनों सेनाओं के अधिकारी जब प्रेस ब्रीफिंग करने पहुंचे तो ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति चलाई गई। इनके जरिए भारतीय सेना ने स्पष्ट संदेश दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस बैकग्राउंड संगीत का इस्तेमाल किया गया, वह शिव तांडव स्तोत्र है। एयर मार्शल ए.के. भारती, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद और मेजर जनरल एसएस शारदा ने भारतीय सेना की कार्रवाई पर क्या-क्या जानकारी दी। आइए 10 बिंदुओं में जानते हैं-
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बहावलपुर में आतंकी ठिकाना
- फोटो : एएनआई
- सेना के अधिकारियों ने तस्वीरों के साथ विस्तार से बताया कि सैन्य कार्रवाई से पहले के हालात कैसे थे और बाद का मंजर कैसा है। उन्होंने बताया कि भारत की जवाबी कार्रवाई के डर से कुछ आतंकी ठिकाने खाली हो गए। ऑपरेशन सिंदूर के लिए सोच-विचार कर नौ आतंकी शिविरों को हमले के लिए चुना गया। 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। नौसेना के निशाने पर कराची था।
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बहावलपुर में आतंकी ठिकाना ध्वस्त
- फोटो : एएनआई
- डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, आप सभी ने देखा है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों को कितनी बेरहमी और निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। जब हमने उन दर्दनाक तस्वीरों और परिवारों के दुख को हाल के अन्य आतंकी हमलों के साथ जोड़कर देखा तो यह स्पष्ट हो गया कि अब देश को एक कड़ा जवाब देना जरूरी है। इसी मकसद से 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया गया ताकि आतंक फैलाने वालों और उसकी योजना बनाने वालों को सजा दी जा सके और उनके छिपने के ठिकाने खत्म किए जा सकें। मैं यहां वही बात नहीं दोहरा रहा हूं, जो हम पहले भी कई बार कह चुके हैं कि भारत आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
बहावलुपर में आतंकी ढांचा।
- फोटो : एएनआई
- लेफ्टिनेंट घई ने कहा, इन नौ आतंकी ठिकानों पर हुए हमलों में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए, जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे कुछ बड़े लक्ष्य भी शामिल थे। ये सभी आईसी814 विमान अपहरण और पुलवामा हमले में शामिल थे। इसके बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) का उल्लंघन किया और उनकी बौखलाहट साफ दिखी। उन्होंने जवाबी कार्रवाई में कई आम लोगों, गांवों और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थल को भी निशाना बनाया, जिससे दुखद रूप से कई निर्दोष लोगों की जान चली गई। भारतीय वायु सेना ने आतंकी शिविरों को निशाना बनाया और भारतीय नौसेना ने सटीक हथियारों की मदद दी। भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान लगातार आसमान में मुस्तैद थे।
बहावलपुर में आतंकी ढांचा ध्वस्त
- फोटो : एएनआई
- उन्होंने आगे कहा, 8-9 मई की रात को उन्होंने (पाकिस्तान ने) हमारी सीमा के पास ड्रोन और विमान भेजे और कई सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के कई असफल प्रयास किए। पाकिस्तान की ओर नियंत्रण रेखा पर उल्लंघन फिर से शुरू हुआ और फिर यह मुठभेड़ में बदल गया।
बहावलपुर आतंकी ठिकाना
- फोटो : एएनआई
- एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा, 8 और 9 की रात साढ़े दस बजे से हमारे शहरों पर ड्रोन और यूएवी से बड़े पैमाने पर हमला किया गया, जो श्रीनगर से नलिया तक किए गए... हम तैयार थे और हमारी वायु रक्षा तैयारियों ने सुनिश्चित किया कि जमीन पर या दुश्मन द्वारा तय किसी भी लक्षित लक्ष्य को कोई नुकसान न पहुंचे। एक संतुलित प्रतिक्रिया में हमने एक बार फिर लाहौर और गुजरांवाला में सैन्य प्रतिष्ठानों, निगरानी रडार साइट को निशाना बनाया... ड्रोन हमले सुबह तक जारी रहे, जिनका हमने जवाब दिया। ड्रोन हमले लाहौर के नजदीक कहीं से किए जा रहे थे, दुश्मन ने अपने नागरिक विमानों को भी लाहौर से उड़ान भरने की अनुमति दे दी थी, न केवल उनके अपने विमान बल्कि अंतर्राष्ट्रीय यात्री विमान भी, जो काफी असंवेदनशील है और हमें अत्यधिक सावधानी बरतनी पड़ी।
डीजीएमओ ले. जन. राजीव घई ने दी जानकारी
- फोटो : अमर उजाला
- डीजीएमओ लेफ्टिनेंट घई ने बताया, जमीन पर भी हमने वायु रक्षा प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर प्रणाली को तैनात करने जैसे कुछ अहम कदम उठाए, ताकि भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर एक साझा सुरक्षा तंत्र (इंटीग्रेटेड ग्रिड) बनाया जा सके। मैंने देखा और सुना है कि आप में से कई लोग इस तरह की प्रणाली की काफी सराहना कर रहे हैं, खासतौर पर जब बात दुश्मन के हवाई हमलों को नाकाम करने की हो। हमने जमीन, समुद्र और आसमान तीनों क्षेत्रों में अपनी सेनाओं की तैनाती की और उन्हें आगे बढ़ाया। 9 और 10 मई की रात भी ड्रोन और विमानों से वैसी ही घुसपैठ की कोशिश हुई। इस बार दुश्मन ने खास तौर पर हमारे एयरफील्ड्स और कुछ बेहद जरूरी लॉजिस्टिक (सप्लाई) ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। लेकिन फिर एक बार भारतीय वायु सेना और थल सेना की साझा वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों को पूरी बहादुरी और कुशलता से नाकाम कर दिया। दुश्मन का कोई भी हमला कामयाब नहीं हो पाया। उन्होंने आगे कहा, कुछ एयरफील्ड और लॉजिस्टिक ठिकानों पर हवाई हमलों की कई लहरें आईं, लेकिन सभी को नाकाम कर दिया गया। पाकिस्तानी सेना ने 7 से 10 मई के बीच नियंत्रण रेखा पर तोप और छोटे हथियारों से हुई गोलीबारी में लगभग 35 से 40 सैनिकों के मारे जाने की रिपोर्ट दी।
बहावलपुर आतंकी ठिकाना ध्वस्त
- फोटो : एएनआई
- एयर मार्शल भारती ने कहा, 8 मई की शाम लगभग 8 बजे से पाकिस्तान के कई ड्रोन और लड़ाकू उपकरणों ने भारतीय वायु सेना के कई ठिकानों पर हमले की कोशिश की। इनमें जम्मू, उधमपुर, पठानकोट, अमृतसर, बठिंडा, डालहौजी, जैसलमेर शामिल थे। ये हमले लगभग एक साथ किए गए थे और लहरों में आए। हमारी सभी एयर डिफेंस गन और अन्य प्रणाली पहले से तैयार थे। इन सभी लहरों को हमारे प्रशिक्षित चालकों ने वायु रक्षा प्रणाली का उपयोग करके तबाह कर दिया। पाकिस्तान की ओर से इन घुसपैठ औरहमलों से जमीन पर कोई नुकसान नहीं हुआ।
- यह पूछे जाने पर कि कितने पाकिस्तानी विमान मार गिराए गए, एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा, 'उनके विमानों को हमारी सीमा में घुसने से रोका गया...निश्चित रूप से, हमने कुछ विमान मार गिराए हैं...निश्चित रूप से, उनकी तरफ नुकसान हुआ है, जो हमने पहुंचाया है।' एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा, क्या हम आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने के अपने उद्देश्य में सफल हो पाए हैं? और इसका उत्तर 'हां' है और परिणाम पूरी दुनिया के सामने हैं। वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने कहा, इस बार अगर पाकिस्तान ने कोई कार्रवाई करने की हिम्मत की तो पाकिस्तान जानता है कि हम क्या करने जा रहे हैं।
डीजीएमओ मीडिया ब्रीफिंग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
- लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, "मैं अपने पांच शहीद साथियों और सशस्त्र बलों के भाइयों तथा नागरिकों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में दुखद रूप से अपनी जान गंवा दी। हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं...उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा...हमने अब तक बहुत संयम बरता है और हमारी कार्रवाई केंद्रित, संतुलित और गैर-उग्र रही है। हालांकि, हमारे नागरिकों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे का निर्णायक बल से सामना किया जाएगा।"
डीजीएमओ मीडिया ब्रीफिंग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
- लेफ्टिनेंट घई ने कहा, पिछले 3-4 दिनों से जो गतिविधियां चल रही हैं, वह किसी युद्ध से कम नहीं हैं। सामान्य परिस्थितियों में एक-दूसरे देशों की वायु सेनाएं हवा में उड़कर एक-दूसरे पर हमला नहीं करतीं। आमतौर पर नियंत्रण रेखा के पार घुसपैठ आतंकवादियों द्वारा की जाती है। हमारे पास सूचना है कि नियंत्रण रेखा के पार घुसपैठ में पाकिस्तानी सेना भी शामिल हो सकती है, जो हमारी चौकियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
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