एंबी वैली में महज दो खरीदारों ने रुचि दिखाई, बोली लगाने वालों के नामों का नहीं हुआ खुलासा
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सहारा समूह की सुपर लग्जरी एंबी वैली की नीलामी में महज दो संभावित खरीदारों ने रुचि दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नियुक्त विशेष पर्यवेक्षक की निगरानी में एंबी वैली की नीलामी की जा रही है। इसकी आरक्षित कीमत 37,392 करोड़ रुपये रखी गई है।
चूंकि यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की कड़ी निगरानी में की जा रही है, इसलिए नीलामी में संभावित बोली लगाने वालों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है। अधिकारी ने बताया है कि एंबी वैली की नीलामी के लिए केवल दो लोगों ने ही रुचि दिखाई है।
दोनों खरीदारों ने नीलामी की प्रक्रिया के लिए जरूरी केवाईसी जमा करा दी है। क्योंकि यह प्रक्रिया अभी चल रही है इसलिए उन्होंने अपनी गोपनीयता बनाए रखने का आग्रह किया है। केवल इतना कहा गया है कि दोनों खरीदार अलग-अलग कॉरपोरेट संस्थानों से संबंध रखते हैं।
एंबी वैली की नीलामी के बारे में जानकारों का कहना है कि किसी एक रियल इस्टेट कारोबारी के लिए इतनी महंगी संपत्ति खरीदना करीब-करीब असंभव है। बताया जाता है कि महाराष्ट्र के पुणे जिले में लोणावला के पास पहाड़ी पर बसी इस एंबी वैली में कई हाई प्रोफाइल लोगों ने निवेश कर रखा है।
जानकारों का कहना है कि संभावित खरीदार चीन या जापान के उद्योगपति हो सकते हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त सरकारी पर्यवेक्षक ने पिछले महीने 6761.6 एकड़ में फैली एंबी वैली की नीलामी सूचना जारी की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने नीलामी पर रोक से किया था इनकार
बाजार नियामक सेबी से लंबी कानूनी लड़ाई में उलझे सहारा समूह की इस संपत्ति की नीलामी पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने 11 सितंबर को इनकार कर दिया था।
सहारा समूह का कहना है कि मॉरिशस की फर्म रॉयल पार्टनर इंवेस्टमेंट फंड ने 26 फीसदी हिस्सेदारी के बदले करीब 10,000 करोड़ रुपये ऋण देने पर राजी हो गई थी। लेकिन, अदालत ने सुब्रत राय को और समय देने से इनकार करते हुए पर्यवेक्षक को कहा था कि वह एंबी वैली की निर्धारित नीलामी की दिशा में आगे बढ़ें।