'सिर्फ 3 परिवार डरकर भागे, बाकी सबने मर्जी से छोड़ा कैराना'
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कैराना से 346 परिवारों के पलायन वाली सूची का सत्यापन जिला प्रशासन ने पूरा करा लिया है। सत्यापन रिपोर्ट जारी कर डीएम सुजीत कुमार ने दावा किया है कि अधिकांश परिवार स्वेच्छा से बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार के उद्देश्य से कैराना से गए। सिर्फ तीन परिवार ऐसे हैं, जो घटनाएं होने के कारण दूसरे शहरों में शिफ्ट हो गए, उनके मकान आज भी कैराना में हैं। कुछ नाम ऐसे भी पाए गए, जो कैराना से लगभग दस किमी की दूरी स्थित कस्बा शामली अथवा जनपद शामली के अन्य स्थानों पर रह रहे हैं। उनमें से बहुत से लोग आज भी अपने कारोबार आदि के संबंध में प्राय कैराना आते-जाते रहते हैं।
पुलिस प्रशासन की जांच रिपोर्ट
67 लोग ऐसे हैं, जो लगभग दस वर्ष पूर्व कैराना छोड़कर जा चुके हैं। 179 परिवार ऐसे हैं, जो लगभग 04-05 वर्ष पूर्व जा चुके हैं। 73 लोग ऐसे हैं जो पिछले तीन वर्षों के अंदर गए हैं, परंतु ये अपने व्यापार, चिकित्सा, बच्चों की शिक्षा आदि के कारण कैराना छोड़कर स्वेच्छा से जाने पाए गए हैं।
उपरोक्त में 16 व्यक्ति मृतक हैं, जिनमें से तीन के परिवार वर्तमान में कैराना में ही रह रहे हैं। शेष के परिवार कई वर्षों पूर्व अपने रोजगार आदि के कारण कैराना छोड़ चुके हैं। सात परिवारों के नाम डबल अर्थात डुप्लीकेट मिले हैं। पांच लोग ऐसे पाए गए जो सरकारी सेवा जैसे नगरपालिका आदि में कार्यरत थे तथा सेवानिवृत्त होने के बाद अन्यत्र/मूल स्थानों पर जाकर बस गए हैं। 27 परिवार अभी भी कैराना में निवास कर रहे है।
तीन प्रकरण ऐसे पाए गए जिनके परिवारों के साथ रंगदारी से संबंधित कुछ घटनाएं घटित हुई, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई की परंतु परिवार में अप्रिय घटना हो जाने के कारण इन लोगों ने पानीपत, सूरत आदि शहरों में जाकर अपना व्यापार स्थापित कर लिया। इनकी दुकान, संपत्ति आदि अभी भी कैराना में मौजूद है।