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महाराष्ट्र: 'आपस में हाथ मिलाना है या नहीं, वे दोनों ही तय करेंगे', उद्धव-राज के संबंधों पर बोले अंबादास दानवे

Sat, 30 Nov 2024 04:11 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: श्वेता महतो Updated Sat, 30 Nov 2024 04:11 PM IST
सार

उद्धव गुट के वफादार नेता ने कहा कि राज ठाकरे का राजनीतिक रुख अस्पष्ट है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझ नहीं आता कि वे (राज ठाकरे) सरकार के साथ हैं या खिलाफ।

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Only Raj and Uddhav can decide on joining hands says Shiv Sena UBT leader Ambadas Danve news in hindi
अंबादास दानवे - फोटो : PTI

विस्तार

महाराष्ट्र में जहां एक तरफ मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर संशय बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के संबंधों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह वे दोनों ही तय कर सकते हैं कि उन्हें आपस में हाथ मिलाना चाहिए या नहीं। दानवे ने बताया कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे का राजनीतिक रुख अस्पष्ट है। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि वे राज्य सरकार के समर्थन में हैं या विरोध में। 
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पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने कहा, "हर चुनाव में हार के बाद ऐसी बातें होती है कि ठाकरे के चचेरे भाइयों को एक साथ आना चाहिए। चुनावी नतीजों के जारी होने के बाद हर आठ से 10 दिनों के भीतर इसपर चर्चा होती है। यह केवल वे ही तय कर सकते हैं कि उन्हें एक साथ आना चाहिए या नहीं। इसमें हमारा कोई किरदार नहीं है।"
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राज ठाकरे का रुख अस्पष्ट: अंबादास दानवे
उद्धव गुट के वफादार नेता ने कहा कि राज ठाकरे का राजनीतिक रुख अस्पष्ट है। उन्होंने कहा, "लोगों को यह समझ नहीं आता कि वे (राज ठाकरे) सरकार के साथ हैं या खिलाफ।" मनसे के उम्मीदवार महायुति के खिलाफ थे, जबकि उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस की वकालत की। उनका रुख स्पष्ट नहीं है। 
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बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मनसे ने 125 उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन एक भी उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं उतर सका। शिवसेना (यूबीटी) ने 95 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से उन्होंने 20 सीटों पर जीत हासिल की। ठाकरे भाइयों के बीच साल 2006 से भी पहले से मतभेद हैं, जिसके कारण राज ठाकरे ने अविभाजित शिवसेना छोड़कर मनसे का गठन किया। राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे को मुंबई की माहिम सीट से हार का सामना करना पड़ा।

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