डॉक्टर की सलाह के बाद ही होम आइसोलेशन पर जा सकेगा मरीज
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुराने दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए शुक्रवार को होम आइसोलेशन के नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। मंत्रालय ने कहा, डॉक्टर की सलाह के बाद ही मरीज होम आइसोलेशन में जा सकता है। राज्यों के प्रमुख सचिवों को लिखे पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने कहा, कुछ राज्यों में होम आइसोलेशन के दिशा-निर्देशों पर उचित तरीके से काम नहीं हो रहा है। इसके चलते मरीज के परिवारिक सदस्य न सिर्फ हाई रिस्क जोन में आ रहे हैं बल्कि उनके पड़ोसियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ रही हैं।
मंत्रालय ने पत्र में लिखा है कि एक डॉक्टर की चिकित्सीय निगरानी के दौरान मरीज होम आइसोलेशन के लायक मिलने और उसके घर पर पर्याप्त व्यवस्था होने के बाद ही उसे घर आइसोलेशन में भेजा जा सकता है। दिल्ली में अब तक 49,979 मरीज मिल चुके हैं जिनमें से 26,669 का इलाज हो रहा है।
17 जून को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार करीब 25 हजार मरीज होम आइसोलेशन में हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो दिल्ली में जांच रिपोर्ट आने के बाद सीधे मरीज को होम आइसोलेशन में भेजा जा रहा है। जबकि नियम के मुताबिक डॉक्टर की सलाह के बगैर इन मरीजों को होम आइसोलशन में नहीं रखा जा सकता। दिल्ली में ज्यादातर लोग छोटे घरों में रहते हैं। ऐसे में एक मरीज से उसके पूरे परिवार या आसपास के लोगों में संक्रमण का खतरा हो सकता है। वहीं दिल्ली सरकार का तर्क है कि अगर होम आइसोलेशन को बंद कर देंगे तो अस्पतालों में बिस्तरों की कमी होने लगेगी।