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One Student-One Laptop: तकनीकी कॉलेजों के हर छात्र के पास होगा अपना लैपटॉप, एआईसीटीई ने कॉलेजों को लिखा पत्र
Fri, 06 Oct 2023 05:50 AM IST
जलज मिश्रा
सीमा शर्मा, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Fri, 06 Oct 2023 05:50 AM IST
सार
एआईसीटीई ‘वन स्टूडेंट -वन लैपटॉप’ की योजना को सफलता पूर्वक शुरू करने वाले अपने तकनीकी कॉलेजों को सराहना या प्रशंसा पत्र भी देगा। इसका मकसद ऐसे संस्थानों को राष्ट्र निर्माण के अच्छे कार्य में भाग लेने के रूप में यह प्रशंसा प्रमाणपत्र के साथ मान्यता दी जाएगी।
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Business Laptop
- फोटो : Acer
विस्तार
अब उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र अपने लैपटॉप पर पढ़ाई करेंगे। इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, आर्किटेक्चर, प्लानिंग जैसे पाठ्यक्रम के छात्रों को पढ़ाई में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने के लिए ‘’वन स्टूडेंट-वन लैपटॉप ‘’ योजना शुरू की जा रही है। इसके लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने अपने सभी मान्यता प्राप्त कॉलेजों को पत्र लिखकर इस योजना को शुरू करने को कहा है।
खास बात यह है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग वर्ग के छात्रों के लिए सीएसआर फंडिग के माध्यम से लैपटॉप उपलब्ध कराया जाएगा। एआईसीटीई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वे अपने सभी कॉलेजों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत यह योजना ला रहे हैं। दरअसल, विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, कला, आदि के छात्रों के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग जरूरी है। क्योंकि तेजी से बढ़ते डिजिटल युग में, प्रौद्योगिकी किसी भी पाठ्यक्रम, स्ट्रीम या डोमेन में छात्रों को आगे बढ़ने में मदद करती है।
शिक्षण प्रबंधन प्रणाली भी विकसित की
‘’वन स्टूडेंट -वन लैपटॉप’’ योजना से छात्र पढ़ाई में इसका अच्छे से प्रयोग कर सकते हैं। आज पढ़ाई से लेकर हर क्षेत्र में एआई, ब्लॉकचेन, डेटा साइंसेज जैसी नई तकनीकों का प्रयोग हो रहा है। ऐसे में जरूरी है कि शिक्षा में भी जरूरी उपकरणों के उपयोग को बढ़ाया दिया जाए। इसके अलावा, एनपीटीईएल जैसे एमओओसी प्लेटफार्मों के विकास और अब एनईपी 2020 में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर देने से वेब पर उपलब्ध अध्ययन संसाधनों पर छात्रों की निर्भरता बढ़ जाती है। वहीं, कई संस्थानों ने बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने और छात्रों को व्यक्तिगत शिक्षा प्रदान करने के लिए अपनी शिक्षण प्रबंधन प्रणाली भी विकसित की है। इस योजना से डिजिटल विभाजन की खाई भी दूर होगी। जब सभी छात्र लैपटॉप पर पढ़ाई करेंगे तो कोई भी प्रौद्योगिकी से दूर नहीं रह पाएगा।
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योजना लागू करने पर कॉलेजों को प्रमाणपत्र
एआईसीटीई ‘वन स्टूडेंट -वन लैपटॉप’ की योजना को सफलता पूर्वक शुरू करने वाले अपने तकनीकी कॉलेजों को सराहना या प्रशंसा पत्र भी देगा। इसका मकसद ऐसे संस्थानों को राष्ट्र निर्माण के अच्छे कार्य में भाग लेने के रूप में यह प्रशंसा प्रमाणपत्र के साथ मान्यता दी जाएगी।
लाएगी बदलाव
एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीताराम ने बताया कि एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त सभी कॉलेजों से आर्थिक रूप से सक्षम छात्रों को अपना लैपटॉप खरीदने और सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सीएसआर कोष के माध्यम से लैपटॉप की अपील की गई है। उन्होंने कहा, सीएसआर फंडिंग के लिए तकनीकी कॉलेज विभिन्न उद्योगों या समुदाय या परोपकारी संगठनों से समर्थन मांग सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि सभी तकनीकी संस्थान इसे सकारात्मक पहल के रूप में लेंगे और शुरू करने की पहल करेंगे।
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खास बात यह है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग वर्ग के छात्रों के लिए सीएसआर फंडिग के माध्यम से लैपटॉप उपलब्ध कराया जाएगा। एआईसीटीई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वे अपने सभी कॉलेजों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत यह योजना ला रहे हैं। दरअसल, विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, कला, आदि के छात्रों के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग जरूरी है। क्योंकि तेजी से बढ़ते डिजिटल युग में, प्रौद्योगिकी किसी भी पाठ्यक्रम, स्ट्रीम या डोमेन में छात्रों को आगे बढ़ने में मदद करती है।
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शिक्षण प्रबंधन प्रणाली भी विकसित की
‘’वन स्टूडेंट -वन लैपटॉप’’ योजना से छात्र पढ़ाई में इसका अच्छे से प्रयोग कर सकते हैं। आज पढ़ाई से लेकर हर क्षेत्र में एआई, ब्लॉकचेन, डेटा साइंसेज जैसी नई तकनीकों का प्रयोग हो रहा है। ऐसे में जरूरी है कि शिक्षा में भी जरूरी उपकरणों के उपयोग को बढ़ाया दिया जाए। इसके अलावा, एनपीटीईएल जैसे एमओओसी प्लेटफार्मों के विकास और अब एनईपी 2020 में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर देने से वेब पर उपलब्ध अध्ययन संसाधनों पर छात्रों की निर्भरता बढ़ जाती है। वहीं, कई संस्थानों ने बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने और छात्रों को व्यक्तिगत शिक्षा प्रदान करने के लिए अपनी शिक्षण प्रबंधन प्रणाली भी विकसित की है। इस योजना से डिजिटल विभाजन की खाई भी दूर होगी। जब सभी छात्र लैपटॉप पर पढ़ाई करेंगे तो कोई भी प्रौद्योगिकी से दूर नहीं रह पाएगा।
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योजना लागू करने पर कॉलेजों को प्रमाणपत्र
एआईसीटीई ‘वन स्टूडेंट -वन लैपटॉप’ की योजना को सफलता पूर्वक शुरू करने वाले अपने तकनीकी कॉलेजों को सराहना या प्रशंसा पत्र भी देगा। इसका मकसद ऐसे संस्थानों को राष्ट्र निर्माण के अच्छे कार्य में भाग लेने के रूप में यह प्रशंसा प्रमाणपत्र के साथ मान्यता दी जाएगी।
लाएगी बदलाव
एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीताराम ने बताया कि एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त सभी कॉलेजों से आर्थिक रूप से सक्षम छात्रों को अपना लैपटॉप खरीदने और सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सीएसआर कोष के माध्यम से लैपटॉप की अपील की गई है। उन्होंने कहा, सीएसआर फंडिंग के लिए तकनीकी कॉलेज विभिन्न उद्योगों या समुदाय या परोपकारी संगठनों से समर्थन मांग सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि सभी तकनीकी संस्थान इसे सकारात्मक पहल के रूप में लेंगे और शुरू करने की पहल करेंगे।