एंटीलिया प्रकरण: सचिन वाजे की एनआईए हिरासत सात अप्रैल तक बढ़ी, रडार पर एक और आईपीएस अधिकारी
- कहा जा रहा है कि खुद सचिन वाजे ने ही एनआईए की पूछताछ में उस आईपीएस अधिकारी का नाम लिया है।
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दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास जिलेटिन की छड़ें लदी स्कार्पियो कार मामले में गिरफ्तार निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) हर दिन नए राज उलगवा रही है। शनिवार को विशेष अदालत ने मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे की एनआईए हिरासत की अवधि सात अप्रैल तक बढ़ा दी।
इस मामले में 13 मार्च को गिरफ्तार किए गए वाजे को रिमांड समाप्त होने के बाद यहां विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने छह और दिन के लिए वाजे की रिमांड की मांग की थी।
एनआईए के वकील, अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि एजेंसी ने सीसीटीवी फुटेज के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग (डीवीआर) और लैपटॉप जैसे साक्ष्य जब्त कर लिए हैं और इनकी पड़ताल की जरूरत है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद वाजे की हिरासत सात अप्रैल तक बढ़ा दी।
वहीं दूसरी ओर अब इस पूरे प्रकरण में एक आईपीएस की भूमिका सामने आ रही है। इसके बाद से वह आईपीएस अधिकारी एनआईए के रडार पर हैं। एंटीलिया विस्फोटक मामला और मनसुख हिरेन हत्याकांड की जांच कर रही एनआईए को इस पूरे प्रकरण में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका की भनक लगी है। कहा जा रहा है कि खुद सचिन वाजे ने ही एनआईए की पूछताछ में उस आईपीएस अधिकारी का नाम लिया है।
हालांकि एनआईए ने अभी तक इसका खुलासा नहीं किया है कि वह कौन आईपीएस अधिकारी है। लेकिन एनआईए को इसके सुराग मिले हैं कि इस मामले में उस अधिकारी ने सचिन वाजे की मदद की है। माना जा रहा है कि एनआईए की टीम जल्द ही उससे पूछताछ कर सकती है।
सचिन वाजे की महिला मित्र से रातभर हुई पूछताछ
एनआईए ने सचिन वाजे की कथित महिला मित्र को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ शुरू की है। हालांकि अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। बृहस्पतिवार की रात एनआईए की टीम मुंबई से सटे ठाणे के मीरा रोड इलाके में सेवन इलेवन कॉम्प्लेक्स में पहुंची। इस कॉम्प्लेक्स के सी विंग का फ्लैट नंबर 401 मीना जार्ज के नाम पर किराए पर लिया गया है।
यह पीयूष गर्ग का है जिसे रीयल इस्टेट एजेंट जाफर शेख के माध्यम से मीना जॉर्ज को किराए पर दिया गया था। मीना इस फ्लैट में बीते चार साल से रहती हैं। हालांकि यह फ्लैट बीते 15 दिनों तक बंद था। बताया जाता है कि एनआईए की टीम ने उस महिला से रात भर पूछताछ की और वाजे से उसके संबंधों का राज उलगवाने की कोशिश की है।
सूत्रों का कहना है कि यह महिला वाजे के कालेधन को सफेद करने में मदद करती थी। वह सचिन वाजे की बेहद करीबी थी और 16 फरवरी को दक्षिण मुंबई के ट्राईडेंट होटल में वाजे के साथ दिखाई दी थी।
एनआईए ने रियाज काजी को फिर तलब किया
सचिन वाजे के सहयोगी सहायक पुलिस इंस्पेक्टर रियाजुद्दीन काजी को एनआईए ने शुक्रवार को फिर तलब किया। वाजे की एनआईए कस्टडी शनिवार को समाप्त हो रही है। इसलिए एनआईए काजी से इस प्रकरण में कुछ और राज उगलवाना चाहती है। काजी सचिन वाजे के साथ ही क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट में था।
एनआईए सूत्रों की मानें तो एंटीलिया विस्फोटक मामले में रियाज काजी को पूरी जानकारी थी। अब तक काजी ने कई राज उगले हैं। काजी से सबूतों को नष्ट करने के आरोप में भी पूछताछ हो रही है। यह भी अंदेशा है कि वाजे के हमसाये की तरह रहे काजी को भी एनआईए गिरफ्तार कर सकती है।
पवार और राउत से कहा था वाजे का चरित्र खराब है, बहाल न करें- आजमी
सचिन वाजे का चरित्र खराब है। इसलिए उसे पुलिस की नौकरी में फिर से बहाल न किया जाए। सपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक अबु आसिम आजमी ने शुक्रवार को कहा कि मैं एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, शिवसेना नेता संजय राउत और गृहमंत्री अनिल देशमुख से मिलकर वाजे की बहाली का विरोध किया था। लेकिन मेरी बात नहीं मानी गई।
आजमी ने कहा कि ख्वाजा युनूस की मौत का मामला अभी कोर्ट में चल रहा है। ऐसी स्थिति में वाजे को बहाल नहीं किया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार की सहयोगी पार्टी है। आजमी ने कहा कि भले ही वह सरकार का घटक दल हैं लेकिन विपक्ष ने जब विधानसभा में वाजे के खिलाफ मुद्दा उठाया था उसी दौरान उसे निलंबित किया जाना चाहिए था।