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संग्रहालय-पुस्तकालय में बदलेगा प्रणब मुखर्जी के जांगीपुर स्थित घर का एक हिस्सा
Tue, 01 Sep 2020 05:39 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 01 Sep 2020 05:39 PM IST
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प्रणब मुखर्जी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे और पूर्व सांसद अभिजीत मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के जांगीपुर स्थित आवास के एक तल को पिता की याद में संग्रहालय-सह-पुस्तकालय में तब्दील करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि सरकार उनके पिता के सम्मान में डाक टिकट जारी करे।
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84 वर्षीय मुखर्जी का सोमवार शाम को दिल्ली छावनी स्थित सेना के रिसर्च ऐंड रेफरल अस्पताल में निधन हो गया था। वह 21 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। अभिजीत ने कहा, 'मैं अपने पिता की निजी वस्तुएं, विशेषकर उनकी पुस्तकों और उपहारों जैसे साज-सज्जा की चीजों को एकत्रित करके उन्हें इस संग्रहालय में रखूंगा।'
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अभिजीत मुखर्जी ने कहा, 'मैं एक डाक टिकट का आग्रह करता हूं... अगर सरकार सहमत होती है, तो मुझे इससे बेहद खुशी होगी।' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत स्तर पर जांगीपुर में पिता प्रणब द्वारा निर्मित मकान के प्रथम तल या भूतल को संग्रहालय-सह-पुस्तकालय में तब्दील करने की योजना बना रहै हैं।
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उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनके पिता इस घर में लंबे समय तक नहीं रह पाए। उन्होंने कहा कि जब तक घर बनकर तैयार हुआ तब तक वह राष्ट्रपति भवन में चले गए थे। अभिजीत याद करते हुए बताते हैं कि वह चार अगस्त को अपने पिता के लिए जांगीपुर स्थित फार्म से कटहल लेकर आए थे।
पूर्व सांसद ने कहा कि कटहल दिल्ली में भी उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद मैंने परेशानी उठाई, क्योंकि यह हमारे फार्म का था। मैने रेल से यात्रा की और मैं कटहल लाया। उन्होंने कहा 'मेरे पिता ने इसे खाया। सौभाग्य से उनके रक्त में शर्करा का स्तर नियंत्रण में था। मुझे खुशी है कि मैं अपने पिता की इस इच्छा को पूरा कर सका।'
अभिजीत ने कहा कि उनके पिता ने उनसे कहा था कि राजनीति और अन्य क्षेत्र में भी व्यक्ति को बदले की भावना से बचना चाहिए। उन्होंने कहा 'उनका संदेश बिल्कुल स्पष्ट था और मैं इसे हमेशा याद रखूंगा।' अभिजीत ने मुखर्जी का उपचार करने वाले डाक्टरों का भी हर संभव कोशिश करने के लिए शुक्रिया अदा किया।