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गांधी जी की वजह से उजड़ने से बच गए थे लाखों मुस्लिमों के घर

Sat, 30 Sep 2017 02:46 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
टीम डिजिटल, अमर उजाला Updated Sat, 30 Sep 2017 02:46 PM IST
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On The Request Of Mahatma Gandhi, Millions Of Muslims Stay in india
मोहनदास करमचंद गांधी - फोटो : BBC

आजादी के बाद जब देश का बंटवारा हुआ तो देश के बहुत से मुसलमानों के तरह ही मेवात के मुसलमान ने भी पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहे थे, तब महात्मा गांधी और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणबीर सिंह के आश्वासन के बाद पाकिस्तान जाने से लाखों मुसलमान रुक गए थे।

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महात्मा गांधी ने मेवातियों की जान माल की हिफाजत करने और पूरा मान सम्मान देने का वादा किया था। इससे लाखों मुसलमान उजड़ने से बचे वहीं उन्होंने पाकिस्तान जाने का भी इरादा बदल दिया था।
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यह जानकारी इतिहासकार सद्दीक अहमद मेव ने गांधी जयंती के मौके पर दी। उन्होंने बताया कि यह सभी बातें इतिहास में में दर्ज हैं। उन्होंने बताया दुर्भाग्य से देश के बंटवारे के बाद मेवात के मुसलमानों को जबरदस्ती पाकिस्तान भेजा जा रहा था, जबकि हरियाणा और राजस्थान के मुसलमान पाकिस्तान जाने के लिये कतई राजी नहीं थे।

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यहां गांधी जी ने दिया ऐतिहासिक भाषण

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महात्मा गांधी

उस समय हरियाणा के मेवात, गुड़गांव और फरीदाबाद तथा राजस्थान के अलवर, भरतपुर में हालात तेजी से करवट ले रहे थे। बंटवारे से देश में खून की होली खेली जा रही थी। मेवात भी इससे अछूता नहीं था।

जबरदस्ती पाकिस्तान भेजने के मामले को लेकर महान स्वतंत्रता सेनानी यासीन खां अन्य मुस्लिम नेताओं के साथ महात्मा गांधी से मिले और मेवात आने का न्योता दिया। मेवातियों के देश प्रेम को देखते हुए महात्मा गांधी 19 दिसंबर 1947 को मेवात के गांव घासेड़ा पहुंचे।

उनके साथ पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री गोपी चंद भार्गव, रणबीर सिंह सहित कई नेता थे। गांधी ने लाखों लोगों के बीच अपना ऐतिहासिक भाषण दिया। उस समय गांधी ने कहा था कि आज मेरे कहने में वह शक्ति नहीं रही जो पहले हुआ करती थी।

गांधी के आश्वासन पर रूके थे यहां के मुसलमान

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अगर मेरे कहने में पहले जैसा प्रभाव होता तो आज एक भी मुसलमान भारतीय संघ को छोड़कर जाने की जरूरत महसूस नहीं करता न ही किसी हिंदू-सिख को पाकिस्तान में अपना घर बार छोड़कर भारत में शरण लेने की जरूरत पड़ती।

यहां जो कुछ हो रहा है उसे सुनकर मेरा दिल रंज से भर जाता है। चारों ओर आगजनी, लूटपाट, कत्लेआम, जबरदस्ती धर्म परिवर्तन और औरतों का अपहरण मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों को तोड़ना पागलपन है, इसे रोका नहीं गया तो दोनों जातियों का सर्वनाश हो जाएगा।

उन्होंने मेवात के लोगों को विश्वास दिलाया कि उन्हें पूरा मान सम्मान दिलाया जाएगा। गांधी के आश्वासन और विचारों का मुसलमानों पर इतना असर हुआ कि उन्होंने पाकिस्तान जाने का अपना इरादा बदल दिया था। मेवात के रमजान चौधरी, डाक्टर बशीर अहमद का कहना है कि गांधी के सुरक्षा का आश्वासन देने के बाद यहां के मुसलमान रुक गये थे।

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