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वो डेढ़ महीने से क्वारंटीन सेंटर में था बंद, हार्ट अटैक से हुई मौत तो जागा प्रशासनः दानिश अली
Wed, 20 May 2020 11:06 PM IST
श्रीधर मिश्रा
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Wed, 20 May 2020 11:06 PM IST
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बसपा सांसद कुंवर दानिश अली
- फोटो : Social Media
सांसद कुंवर दानिश अली ने कहा है कि अमरोहा के क्वारंटीन सेंटर में पिछले 45 दिनों से दो दर्जन से अधिक लोगों को क्वारंटीन करके रखा गया था। उन्होंने प्रशासन से इन्हें इनके घर जाने की अनुमति दिए जाने की अपील की थी, लेकिन उनकी अपील के बाद भी क्वाारंटीन किए गए लोगों को नहीं छोड़ा गया। लेकिन अब क्वारंटीन सेंटर में एक व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो जाने के बाद सभी लोगों को छोड़ दिया गया है। सांसद के मुताबिक यूपी प्रशासन ने इस मामले में जांच किए जाने की बात कही है।
दानिश अली ने कहा कि अमरोहा के क्वारंटीन सेंटर में लोगों को डेढ़ महीने से भी ज्यादा समय से रखा गया था। इस दौरान उनमें कोरोना संबंधी कोई लक्षण भी नहीं पाए गए थे, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण लोगों को क्वारंटीन करके रखा गया था। जबकि सामान्य नियमों के मुताबिक 14 दिनों के अंदर कोरोना बीमारी से जुड़े कोई लक्षण न मिलने के बाद क्वारंटीन सेंटर से मुक्ति मिल जानी चाहिए।
इसी तरह की शिकायतें देश के कई अलग-अलग हिस्सों से भी आई हैं जहां लोगों को सामान्य अवधि बीत जाने के बाद भी क्वारंटीन करके ऱखा गया है। दिल्ली में तब्लीगी जमात के लोगों को भी काफी समय से क्वारंटीन करके रखा गया था। अंततः मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मामले में दखल देकर सभी जमातियों को उनके घर पहुंचाने का रास्ता साफ कराया।
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दानिश अली ने कहा कि अमरोहा के क्वारंटीन सेंटर में लोगों को डेढ़ महीने से भी ज्यादा समय से रखा गया था। इस दौरान उनमें कोरोना संबंधी कोई लक्षण भी नहीं पाए गए थे, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण लोगों को क्वारंटीन करके रखा गया था। जबकि सामान्य नियमों के मुताबिक 14 दिनों के अंदर कोरोना बीमारी से जुड़े कोई लक्षण न मिलने के बाद क्वारंटीन सेंटर से मुक्ति मिल जानी चाहिए।
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इसी तरह की शिकायतें देश के कई अलग-अलग हिस्सों से भी आई हैं जहां लोगों को सामान्य अवधि बीत जाने के बाद भी क्वारंटीन करके ऱखा गया है। दिल्ली में तब्लीगी जमात के लोगों को भी काफी समय से क्वारंटीन करके रखा गया था। अंततः मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मामले में दखल देकर सभी जमातियों को उनके घर पहुंचाने का रास्ता साफ कराया।
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