प्रधानमंत्री मोदी आज छह राज्यों में रखेंगे लाइट हाउस परियोजना की आधारशिला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नववर्ष 2021 के पहले दिन यानी 1 जनवरी को छह राज्यों में छह स्थानों पर 'लाइट हाउस' परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आशा इंडिया यानी ‘अफोर्डेबल सस्टेनेबल हाउसिंग एक्सेलरेटर’ के विजेताओं की घोषणा भी करेंगे और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन के लिए उत्कृष्टता का वार्षिक पुरस्कार भी देंगे।
On the first day of 2021, I will be taking part in a programme aimed at transforming India’s urban landscape. Will lay the foundation stone of Light House Projects and distribute PMAY (Urban) and ASHA-India awards: PM Narendra Modi (file photo) pic.twitter.com/4OvNLzhClx
— ANI (@ANI) December 31, 2020विज्ञापन
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी नवप्रर्वतक निर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नए पाठ्यक्रम की भी शुरुआत करेंगे। इस पाठ्यक्रम का नाम ‘नवारितिह’ रखा गया है। इस कार्यक्रम में आवासीय और शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने साल 2017 में जीएचटीसी-इंडिया के तहत ‘लाइट हाउसद्ध परियोजनाओं के निर्माण के लिए पूरे देश में छह स्थानों का चयन करने के लिए राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेशों के लिए एक चुनौती की शुरूआत की थी। मंत्रालय ने इस चुनौती में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को प्रोत्साहित किया था। निर्धारित मानदंडों के अनुसार सबसे अधिक अंक अर्जित करने वाले छह राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को ‘लाइट हाउस’ परियोजनाएं प्रदान करने की घोषणा की गई थी।
इन प्रदेशों को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई-शहरी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए केंद्र की ओर से सहायता उपलब्ध कराई गई थी। इसके अलावा नई प्रौद्योगिकी के उपयोग और अर्थव्यवस्थाओं से संबंधित मुद्दों से निपटने और अन्य संबंधित कारकों की वजह से होने वाली किसी अतिरिक्त लागत के प्रभाव को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकी नवाचार अनुदान (टीआईजी) का भी प्रावधान किया गया था।