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SC: 'अब महसूस होगा खालीपन...', CJI चंद्रचूड़ के लिए उनके उत्तराधिकारी का भावुक भाषण, जानें क्या-क्या कहा
Sat, 09 Nov 2024 09:28 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 09 Nov 2024 09:28 AM IST
सार
जस्टिस खन्ना ने चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ के कानून के जबरदस्त जानकार और विशेषज्ञ होने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सीजेआई ने जज के तौर पर अहम फैसले सुनाते समय अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन को बहुत संतुलित तरीके से साधा।
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चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ के साथ सुप्रीम कोर्ट में उनके उत्तराधिकारी जस्टिस संजीव खन्ना।
- फोटो : PTI
विस्तार
भारत के अगले चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने प्रधान न्यायाधीश डीवाई. चंद्रचूड़ के विदाई समारोह में उनकी जमकर तारीफ की और उनके योगदान को लेक भावपूर्ण भाषण दिया। जस्टिस खन्ना ने कहा कि सीजेआई चंद्रचूड़ ने शीर्ष अदालत को बेहतर बनाने के मिशन पर काम किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीजेआई चंद्रचूड़ के पद से हटने से सुप्रीम कोर्ट में एक खालीपन रहेगा और यह खालीपन हमें सोमवार से महसूस होगा।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) की तरफ से सीजेआई चंद्रचूड़ के लिए आयोजित विदाई समारोह में जस्टिस खन्ना ने अपने भाषण में कहा, “जब न्याय के जंगल में एक विशाल पेड़ पीछे हटता है, तो पक्षी अपने गीत बंद कर देते हैं, और हवा अलग तरह से चलने लगती है। अन्य पेड़ खाली जगह को भरने के लिए अपनी जगह बदलते और समायोजित करते हैं। लेकिन जंगल फिर कभी वैसा नहीं रहेगा।”
उन्होंने कहा, “सोमवार से हम इस बदलाव को गहराई से महसूस करेंगे, इस न्यायालय के बलुआ पत्थर के स्तंभों में एक खालीपन गूंजेगा, बार और बेंच के सदस्यों के दिलों में एक शांत गूंज होगी।”
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जस्टिस खन्ना ने चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ के कानून के जबरदस्त जानकार और विशेषज्ञ होने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सीजेआई ने जज के तौर पर अहम फैसले सुनाते समय अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन को बहुत संतुलित तरीके से साधा।
देश के अगले सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा, “संवैधानिक पीठ के 38 फैसले, जिनमें से दो आज सुनाए गए। यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जो कभी नहीं टूटेगा।” उन्होंने कहा कि जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट को सभी के लिये सुलभ और समावेशिता का अभयारण्य बनाने के अपने लक्ष्य का पीछा किया।
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सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) की तरफ से सीजेआई चंद्रचूड़ के लिए आयोजित विदाई समारोह में जस्टिस खन्ना ने अपने भाषण में कहा, “जब न्याय के जंगल में एक विशाल पेड़ पीछे हटता है, तो पक्षी अपने गीत बंद कर देते हैं, और हवा अलग तरह से चलने लगती है। अन्य पेड़ खाली जगह को भरने के लिए अपनी जगह बदलते और समायोजित करते हैं। लेकिन जंगल फिर कभी वैसा नहीं रहेगा।”
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उन्होंने कहा, “सोमवार से हम इस बदलाव को गहराई से महसूस करेंगे, इस न्यायालय के बलुआ पत्थर के स्तंभों में एक खालीपन गूंजेगा, बार और बेंच के सदस्यों के दिलों में एक शांत गूंज होगी।”
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जस्टिस खन्ना ने चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ के कानून के जबरदस्त जानकार और विशेषज्ञ होने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सीजेआई ने जज के तौर पर अहम फैसले सुनाते समय अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन को बहुत संतुलित तरीके से साधा।
देश के अगले सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा, “संवैधानिक पीठ के 38 फैसले, जिनमें से दो आज सुनाए गए। यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जो कभी नहीं टूटेगा।” उन्होंने कहा कि जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट को सभी के लिये सुलभ और समावेशिता का अभयारण्य बनाने के अपने लक्ष्य का पीछा किया।