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Old Pension: कर्मचारी संगठनों को प्रधानमंत्री की बैठक का एजेंडा नहीं, क्या लगेगी एनपीएस में बदलावों पर मुहर

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 23 Aug 2024 09:15 PM IST
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सार
एआईडीईएफ पहले ही अपना स्टैंड क्लीयर कर चुका है। हमें पुरानी पेंशन चाहिए, एनपीएस में सुधार नहीं। शुक्रवार को इस स्टैंड से एआईडीईएफ के सभी पदाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अटेवा के प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार बन्धु, लंबे समय से ओपीएस की मूवमेंट को सक्रियता से आगे बढ़ा रहे हैं।
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Old Pension vs New Pension Scheme Employees Organisation agenda PM Modi Meeting know more
पुरानी पेंशन पर नई चेतावनी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

'पुरानी पेंशन' को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 24 अगस्त को होने जा रही स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) के प्रतिनिधियों की बैठक का एजेंडा क्या होगा, इस बारे में किसी को कुछ नहीं मालूम। अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव सी. श्रीकुमार ने कहा है कि उनके संगठन को प्रधानमंत्री के साथ होने जा रही बैठक का एजेंडा तक मुहैया नहीं कराया गया है। एआईडीईएफ ने इस बैठक का बहिष्कार कर दिया है। इस बाबत स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) के सचिव शिवगोपाल मिश्रा से बातचीत की गई। पता चला है कि प्रधानमंत्री के साथ होने जा रही बैठक में मुख्यत: एनपीएस सुधार पर ही बात होगी। पूर्व वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने एनपीएस में जो सुधार किए हैं, वही जेसीएम के प्रतिनिधियों के समक्ष रखे जाएंगे।


सी. श्रीकुमार ने बताया, एआईडीईएफ पहले ही अपना स्टैंड क्लीयर कर चुका है। हमें पुरानी पेंशन चाहिए, एनपीएस में सुधार नहीं। शुक्रवार को इस स्टैंड से एआईडीईएफ के सभी पदाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। मार्च 2023 में केंद्र सरकार ने वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। इस कमेटी के गठन का मकसद, गैर-अंशदायी और वित्तीय रूप से अस्थिर पुरानी पेंशन प्रणाली पर वापस लौटे बिना, एनपीएस लाभों को बेहतर बनाने के तरीके खोजना था।


आम जनता के हित और बजटीय अनुशासन
इस कमेटी में कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन मंत्रालय के सचिव, व्यय विभाग के विशेष सचिव और पेंशन फंड नियमन व विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के अध्यक्ष को बतौर सदस्य, शामिल किया गया था। कमेटी से कहा गया था कि वह नई पेंशन स्कीम 'एनपीएस' के मौजूदा फ्रेमवर्क और ढांचे के संदर्भ में बदलावों की सिफारिश करे। किस तरह से नई पेंशन स्कीम ‘एनपीएस’ के तहत 'पेंशन लाभ' को और ज्यादा आकर्षक बनाया जाए, इस बाबत सुझाव दें। कमेटी, इस बात का ख्याल रखें कि उसके सुझावों का आम जनता के हितों व बजटीय अनुशासन पर कोई विपरीत असर न हो। कमेटी में ओपीएस का कोई ज़िक्र ही नहीं हुआ।

पुरानी पेंशन बहाली के लिए केवल केंद्रीय कर्मचारी संगठन ही आंदोलन नहीं कर रहे, बल्कि विभिन्न प्रदेशों में भी सरकारी कर्मियों ने इस मुहिम को आगे बढ़ाया है। केंद्र में भी कई संगठन ऐसे हैं, जिन्होंने ओपीएस पर आवाज बुलंद की है। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अटेवा के प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार बन्धु, लंबे समय से ओपीएस की मूवमेंट को सक्रियता से आगे बढ़ा रहे हैं।

ओपीएस से वंचित हैं ये लोग, बुढ़ापा कष्टदायक
बंधु ने पुरानी पेंशन बहाल कराने के लिए राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री को हजारों ईमेल भेजी हैं। साइकिल और पदयात्रा की है। रैलियां और प्रदर्शन किए हैं। दूसरे राज्यों में भी ओपीएस के आंदोलन खड़े किए हैं। बंधु का कहना था कि सरकारी कर्मियों की ओपीएस की मांग में केंद्रीय अर्धसैनिक बल भी शामिल हैं। देश के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले अर्धसैनिक बलों को भी पुरानी पेंशन व्यवस्था से वंचित कर दिया गया है। यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की आन बान शान का प्रतीक केंद्रीय अर्धसैनिक बल, जो अपना बलिदान देकर राष्ट्र की सुरक्षा करते हैं, उन्हें ओपीएस से वंचित कर दिया गया है। बुढ़ापे में सामाजिक सुरक्षा से वंचित करना, अन्यायपूर्ण व कष्टदायक है। अटेवा के पदाधिकारियों का कहना है कि वे ओपीएस के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन 24 अगस्त को प्रधानमंत्री के साथ होने वाली बैठक में एनएमओपीएस को नहीं बुलाया गया।

एनपीएस के प्रभावित पक्ष का प्रतिनिधित्व
नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल भी कई राज्यों का दौरा कर चुके हैं। वे भी ओपीएस पर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन द्वारा, देशभर में पुरानी पेंशन बहाली के लिए 'नेशनल मिशन फॉरओल्ड पेंशन स्कीम (भारत)' के सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। ये सम्मेलन यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर में होने तय हुए हैं। पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है कि ओपीएस के मुद्दे पर शनिवार को होने वाली जेसीएम के साथ बैठक में एनपीएस अफेक्टेड मेंबर के तौर पर 'नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत' को भी आमंत्रित किया जाए। इससे एनपीएस के प्रभावित पक्ष का भी प्रतिनिधित्व हो सकेगा।

हरियाणा में पेंशन बहाली संघर्ष समिति का आंदोलन
बतौर पटेल, एनपीएस कर्मचारी के विश्वास के लिए भी यह जरूरी है कि कम से कम इस मीटिंग में उनका अपना भी प्रतिनिधित्व हो। 'महाराष्ट्र राज्य पुरानी पेंशन एसोसिएशन' एवं दूसरे कई संगठनों द्वारा ओपीएस को लेकर बड़ा आंदोलन किया जा रह है। हैरानी की बात है कि महाराष्ट्र से भी किसी प्रतिनिधि को पीएम के साथ होने वाली बैठक का न्यौता नहीं मिला। हरियाणा में पेंशन बहाली संघर्ष समिति द्वारा लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। पीएम की बैठक में समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल को भी शामिल नहीं किया गया। 
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