फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Odisha bjp mla attacked by villagers in ganjam district over neglect in flood relief

ओडिशा: ग्रामीणों का भाजपा विधायक पर हमला, प्रशासनिक अनदेखी और बाढ़ राहत में देरी पर भड़के लोग

Sun, 01 Nov 2026 11:45 AM IST
नितिन गौतम पीटीआई, भुवनेश्वर
पीटीआई, भुवनेश्वर Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 01 Nov 2026 11:45 AM IST
सार

ओडिशा में भाजपा विधायक पर हमले की खबर है। विधायक बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने निकले थे। एक गांव में लोगों ने प्रशासनिक अनदेखी का आरोप लगाया और विधायक के साथ धक्का-मुक्की की। 

विज्ञापन
Odisha bjp mla attacked by villagers in ganjam district over neglect in flood relief
भाजपा विधायक से बहस करते स्थानीय लोग - फोटो : पीटीआई

विस्तार

ओडिशा के गंजाम जिले में भाजपा विधायक पूर्णचंद्र सेठी पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। ग्रामीण बाढ़ राहत में कथित देरी और प्रशासनिक अनदेखी से नाराज थे। ओडिशा का गंजाम जिला बाढ़ प्रभावित है। चक्रवात अर्नब के चलते राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में सरकार द्वारा मदद दी जा रही है। हालांकि कई जगहों पर लोगों का आरोप है कि उन्हें बाढ़ राहत मिलने में देरी हो रही है। 
विज्ञापन


विधायक को क्यों लोगों की नाराजगी का करना पड़ा सामना?
भाजपा विधायक पर हमले की घटना पुरुषोत्तमपुर ब्लॉक के कुंभारी गांव में हुई। जहां ग्रामीणों ने भाजपा के खलीकोट विधायक पूर्णचंद्र सेठी पर हमला कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है और बाढ़ राहत पहुंचाने में देरी की जा रही है। भाजपा विधायक पूर्णचंद्र सेठी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने निकले थे। उसी दौरान कुंभारी गांव में लोगों ने उन्हें रोक लिया और प्रशासनिक अनदेखी का आरोप लगाया।
विज्ञापन


विधायक के गांव पहुंचते ही कई लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप था कि उन्हें अब तक कोई राहत सामग्री नहीं मिली है। एक ग्रामीण ने कहा, 'हमने बार-बार राहत देने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी।' इस दौरान कुछ लोगों ने विधायक के साथ धक्का-मुक्की की भी कोशिश की। इस पर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह से विधायक को गाड़ी में बिठाया और उन्हें सुरक्षित वहां से निकाला। हालांकि, सेठी ने इस घटना को मामूली बताते हुए ज्यादा तवज्जो नहीं दी।
विज्ञापन
विज्ञापन




पशु संसाधन मंत्री को भी नाराजगी का सामना करना पड़ा
इससे पहले शनिवार को भी सोरड़ा ब्लॉक के नुआगड़ा गांव में राज्य के पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मलिक को भी लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। मंत्री मलिक जब सोरड़ा ब्लॉक के नुआगड़ा गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया। कई ग्रामीणों का आरोप था कि उन्हें सरकार की ओर से राहत के तौर पर अनाज नहीं मिला है। मंत्री ने संबंधित ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) और तहसीलदार को प्रभावित लोगों के लिए हरसंभव व्यवस्था करने का निर्देश दिया। गांव से रवाना होने से पहले मंत्री ने पत्रकारों से कहा, 'लोगों ने मुझसे बिजली आपूर्ति बहाल करने, पानी का कनेक्शन फिर से शुरू करने और अन्य जरूरी सुविधाओं में हो रही देरी के बारे में पूछा। मैंने उन्हें बताया कि इन सभी समस्याओं का जल्द समाधान कर दिया जाएगा।'

विपक्ष ने सरकार पर लगाए आरोप
इस बीच, विपक्षी दल बीजू जनता दल की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिले के चिकिटी, पात्रपुर, हिंजिली और शेरगढ़ के कई प्रभावित इलाकों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। पूर्व मंत्री प्रमिला मलिक ने आरोप लगाया, 'सरकार की लोगों के प्रति असंवेदनशीलता साफ दिखाई दे रही है। पका हुआ खाना तो दूर, लोगों तक सूखा राशन और पीने का साफ पानी भी नहीं पहुंचा है। जल संसाधन विभाग की लापरवाही से बाढ़ प्रबंधन ठीक से नहीं हो पाया, जिसके कारण इतनी तबाही हुई है।'

बीजद के एक अन्य नेता और पूर्व मंत्री प्रताप जेना ने कहा, 'लोग आपदाओं के दौरान बीजद सरकार की ओर से किए गए कामों से मौजूदा व्यवस्था की तुलना कर रहे हैं।' बीजद के प्रतिनिधिमंडल ने गंजाम के जिलाधिकारी से भी मुलाकात की और बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की। कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।

कांग्रेस ने सीएम मोहन चरण माझी को घेरा
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए। दास ने एक बयान में कहा, 'केवल हवाई सर्वेक्षण करने से आपदा प्रबंधन नहीं हो सकता। गंजाम और गजपति जिलों में आई बाढ़ भाजपा सरकार की नाकामी का प्रमाण है। मंत्रियों का प्रदर्शन निराशाजनक है।' उन्होंने कहा कि जब लोग भोजन, पीने के पानी और दवाइयों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब सरकार की प्रतिक्रिया बेहद निराशाजनक रही है। दास ने दावा किया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद सरकार इस आपदा से निपटने के लिए तैयार नहीं थी।


वहीं, राज्य के परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों तक पहुंच चुकी है और राहत तथा बहाली का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि मरम्मत के बाद गांवों की लगभग सभी सड़कों को फिर से खोल दिया गया है। उन्होंने कहा, 'यह राजनीति करने का समय नहीं है।'
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed