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Fraud: पूर्व सांसद का बेटा बनकर बनाई फर्जी कंपनी, ओडिशा में तीन करोड़ की ठगी करने वाला बंगाल से गिरफ्तार
Mon, 29 Jun 2026 01:45 AM IST
अमन तिवारी
आईएएनएस, भुवनेश्वर
आईएएनएस, भुवनेश्वर
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 29 Jun 2026 01:45 AM IST
सार
भुवनेश्वर पुलिस ने खुद को पूर्व सांसद का बेटा बताने वाले सचिदानंद भोई को गिरफ्तार किया है। उसने 'गो स्पीडी गो' कंपनी के नाम पर करीब 250 लोगों से तीन करोड़ रुपए की ठगी की। आरोपी को पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया है। उसके खिलाफ कई पुराने मामले भी दर्ज हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भुवनेश्वर की इन्फोसिटी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल से 51 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस व्यक्ति पर आरोप है कि उसने खुद को पूर्व लोकसभा सांसद का बेटा बताया और एक निजी कंपनी का सीईओ बनकर कई लोगों से करीब तीन करोड़ रुपए की ठगी की। आरोपी की पहचान सचिदानंद भोई के रूप में हुई है। वह मूल रूप से ओडिशा के बरगढ़ जिले के केंदुपाली गांव का रहने वाला है। फिलहाल वह कटक जिले के फूलनखरा इलाके में रह रहा था।
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जोन-6 के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मानस रंजन प्रधान ने मीडिया को इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने खुद को पूर्व सांसद कृपासिंधु भोई का बेटा बताकर लोगों का भरोसा जीता। उसने भुवनेश्वर के पाटिया इलाके में 'गो स्पीडी गो' (हाइफर्क टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड) नाम से एक ऑटो-टेक कंपनी का दफ्तर खोला था। यह कंपनी लोगों के घर जाकर गाड़ियों की सर्विसिंग करने की सुविधा देने का दावा करती थी।
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सचिदानंद भोई खुद को कंपनी का सीईओ और निदेशक बताकर लोगों को नौकरी पर रखता था। उसने भुवनेश्वर के खंडगिरि और गंजाम जिले में भी अपने दफ्तर खोले थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर लालच देता था। वह उन्हें पूरा व्यापारिक सहयोग, निश्चित कारोबार और मुनाफे की पक्की गारंटी का भरोसा देता था। इसके अलावा, वह कर्मचारियों को नियमित वेतन देने का वादा करके भर्ती करता था।
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जांच में पता चला कि वह मुख्य रूप से अपने ही कर्मचारियों को निशाना बनाता था। वह उन्हें अपने रिश्तेदारों और परिचितों को फ्रेंचाइजी लेने के लिए मनाने को कहता था। उसके झांसे में आकर कई लोगों ने कंपनी की फ्रेंचाइजी के लिए 1.5 लाख से दो लाख रुपए तक का निवेश किया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने फ्रेंचाइजी धारकों से लगभग 2.30 करोड़ रुपए जुटाए। इसके अलावा उसने कर्मचारियों के वेतन के करीब 63 लाख रुपए का भी गबन किया। उसने न तो फ्रेंचाइजी धारकों को कोई सेवा दी और न ही कर्मचारियों को वेतन दिया।
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बाद में वह अपने सभी दफ्तर बंद करके फरार हो गया। एसीपी प्रधान ने बताया कि अब तक करीब 200 से 250 लोगों ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। ठगी की कुल रकम 3 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया। उसे सिलीगुड़ी की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया और फिर ट्रांजिट रिमांड पर ओडिशा लाया गया।
पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ करेगी। जांच के दौरान यह भी पता चला कि सचिदानंद भोई के खिलाफ क्राइम ब्रांच, स्पेशल क्राइम यूनिट और कई अन्य थानों में पहले से ही कई मामले दर्ज हैं।