फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Odisha bagged the much-awaited Geographical Indication tag or GI Tag for its Rasagola

पश्चिम बंगाल से छिना और ओडिशा का हुआ रसगुल्ला, मिला जियो टैग

Mon, 29 Jul 2019 06:25 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Mon, 29 Jul 2019 06:25 PM IST
विज्ञापन
Odisha bagged the much-awaited Geographical Indication tag or GI Tag for its Rasagola
ओडिशा रसगुल्ला - फोटो : ट्विटर

ओडिशा की प्रसिद्ध मिठाई 'रसगुल्ला' को सोमवार को जियोग्राफिकल इंडिकेशन टैग (जीआई टैग) मिल गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस टैग का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। इससे पहले रसगुल्ला को बांग्ला रसगुल्ला का टैग था।

विज्ञापन


भौगोलिक संकेतक के रजिस्ट्रार (दि रजिस्ट्रार ऑफ जियोग्राफिरल इंडिकेशंस), चेन्नई ने एक प्रमाणपत्र जारी किया है जिसमें  वस्तुओं के भौगोलिक संकेत के कानून (पंजीकरण और सुरक्षा) के तहत मिठाई को 'ओडिशा रसगुल्ला' लिखा गया है। सूत्रों ने बताया कि यह प्रमाण पत्र 22 फरवरी 2028 तक मान्य होगा। 
विज्ञापन


जीआई टैग या जियो टैग किसी प्रॉडक्ट को एक विशेष क्षेत्र या इलाके की विशिष्टता के तौर पर प्रदर्शित करता है। आसान शब्दों में कहें तो यदि किसी वस्तु का जीआई टैग है तो वह वस्तु उस क्षेत्र की विशेष वस्तु है, जहां वह पाई जाती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

2017 में पश्चिम बंगाल को मिला था जीआई टैग

बता दें कि रसगुल्ले की उत्पत्ति को लेकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा में साल 2015 से विवाद चल रहा था। साल 2017 में पश्चिम बंगाल के रसगुल्ले को जीआई टैग दे दिया गया था। ओडिशा द्वारा इस फैसले पर आपत्ति दर्ज कराई गई तो जीआई रजिस्ट्रार ने ओडिशा को दो महीने का समय दिया था कि वह इससे संबंधित अपने दावों को साबित करे। 


विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रतीप्त नायक ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि राज्य को यह टैग काफी समय पहले मिल जाना चाहिए था। भाजपा नेता ने कहा, 'राज्य सरकार की ओर से लापरवाही के कारण इसमें देरी हुई।'

15वीं शताब्दी की डांडी रामायण में भी वर्णन

ओडिशा रसगुल्ला के जियो टौग के लिए साल 2017 में ओडिशा स्माल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएसआईसी) और मिठाई व्यापारी संगठन उत्कल मिष्ठान व्यवसायी समिति ने मिलकर आवेदन किया था। बता दें कि रसगुल्ला भगवान जगन्नाथ द्वारा स्थापित की गई राज्य की सदियों पुराने संस्कारों का भाग रहा है। इसका वर्णन 15वीं शताब्दी के ओडिया ग्रंथ 'डांडी रामायण' में भी है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed