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Odisha Train Accident: हादसे का शिकार इस ट्रेन की रिजर्व बोगी में सभी सुरक्षित, दूसरी ट्रेन के 13 डिब्बे तबाह
Sat, 03 Jun 2023 03:56 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 03 Jun 2023 03:56 PM IST
सार
ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार को हुई ट्रेन दुर्घटना में बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी शामिल थी।
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Odisha Train Accident
- फोटो : Social Media
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विस्तार
ओडिशा में हुए ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या 261 हो गई है। घायलों को कटक, भुवनेश्वर और बालासोर के अस्पतालों में ले जाया जा रहा है। इस हादसे में कोरोमंडल एक्सप्रेस के यात्रियों के हताहत होने की सूचना मिली है। वहीं यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस (दुरंतो) के आरक्षित डिब्बों का कोई भी यात्री हताहत नहीं हुआ है। वहीं पैसेंजर डिब्बों में कुछ यात्रियों को सामान्य चोटें आईं है। इस हादसे में कोरोमंडल एक्सप्रेस की 13 बोगियों तबाह हो गई है।
रेलवे के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बालासोर ट्रेन हादसे के बाद बचावकार्य जारी है।
चार ट्रैक, तीन ट्रेनें और मिनटों में हादसा: जानें कैसे हुई दुर्घटना, क्या टल सकती थी आपदा
ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार को हुई ट्रेन दुर्घटना में बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी शामिल थी। इस घटना पर दक्षिण पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि सर एम. विश्वेसरैया टर्मिनल (एसएमवीबी), बेंगलुरु से बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में आरक्षित श्रेणी के 994 यात्री और अनारक्षित श्रेणी के करीब 300 यात्री सवार हुए थे।
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बता दें कि एसएमवीबी से रवाना हुई एक्सप्रेस ट्रेन के दो डिब्बे और ब्रेक यान पटरी से उतर गए थे। अधिकारी ने बताया कि पटरी पर उतरने वाली बोगी अनारक्षित डिब्बे हैं, इसलिए योत्रियों की पहचान करने में समय लगेगा। आरक्षित डिब्बों में टिकट कराने के दौरान यात्रियों द्वारा दी गई जानकारी डेटाबेस में उपलब्ध होती है, इसलिए आरक्षित कोच के यात्रियों के संपर्क नंबर समेत उनकी विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने पर इसे सबसे साथ साझा किया जाएगा।
Odisha Train Accident LIVE: लूप लाइन में खड़ी थी मालगाड़ी, क्या उसी ट्रैक पर चली गई कोरोमंडल एक्सप्रेस?
बालासोर से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन अपने अप्रभावित हिस्से के साथ गंतव्य के लिए रवाना हो चुकी है। रात में ट्रेन के क्षतिग्रस्त हिस्से को अलग करने के बाद शेष 19 डिब्बों के साथ सुबह पांच बजकर आठ मिनट पर ट्रेन को रवाना किया गया।
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रेलवे के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बालासोर ट्रेन हादसे के बाद बचावकार्य जारी है।
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ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार को हुई ट्रेन दुर्घटना में बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी शामिल थी। इस घटना पर दक्षिण पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि सर एम. विश्वेसरैया टर्मिनल (एसएमवीबी), बेंगलुरु से बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में आरक्षित श्रेणी के 994 यात्री और अनारक्षित श्रेणी के करीब 300 यात्री सवार हुए थे।
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बता दें कि एसएमवीबी से रवाना हुई एक्सप्रेस ट्रेन के दो डिब्बे और ब्रेक यान पटरी से उतर गए थे। अधिकारी ने बताया कि पटरी पर उतरने वाली बोगी अनारक्षित डिब्बे हैं, इसलिए योत्रियों की पहचान करने में समय लगेगा। आरक्षित डिब्बों में टिकट कराने के दौरान यात्रियों द्वारा दी गई जानकारी डेटाबेस में उपलब्ध होती है, इसलिए आरक्षित कोच के यात्रियों के संपर्क नंबर समेत उनकी विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने पर इसे सबसे साथ साझा किया जाएगा।
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बालासोर से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन अपने अप्रभावित हिस्से के साथ गंतव्य के लिए रवाना हो चुकी है। रात में ट्रेन के क्षतिग्रस्त हिस्से को अलग करने के बाद शेष 19 डिब्बों के साथ सुबह पांच बजकर आठ मिनट पर ट्रेन को रवाना किया गया।