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Odisha: पांच दिन बाद भी दुर्घटनास्थल पर जुट रही भीड़, अपनों की तलाश में भी आ रहे लोग; पढ़ें अब कैसे हैं हालात

Wed, 07 Jun 2023 06:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालासोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालासोर Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 07 Jun 2023 06:17 PM IST
सार

बहानगा स्टेशन के पास जहां यह हादसा हुआ था वहां ट्रैक को पूरी तरह से सुधार दिया गया है और ट्रेनों की आवाजाही सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है। दुर्घटना के बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस का भी संचालन शुरू हो गया है। इसके वीडियो भी सामने आए हैं।

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Odisha accident: 5 days later people continue to flock site
ओडिशा रेल दुर्घटना - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ओडिशा के बालासोर जिले में हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे को पांच दिन बीत चुके हैं। यहां ट्रैक भी सुधार दिया गया है और ट्रेनों की आवाजाही भी शुरू हो चुकी है। बावजूद इसके इस हादसे के निशानों को देखने के लिए अभी भी घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटती है। चिलचिलाती गर्मी के बावजूद लोग मोबाइल कैमरों से लैस होकर दुर्घटना में शामिल ट्रेनों के क्षतिग्रस्त अवशेषों को देखने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। यहां आने वालों में कई लोग ऐसे भी हैं जिनके परिजन दुर्घटनाग्रस्त हुई ट्रेनों में यात्रा कर रहे थे और उनका अब तक कोई पता नहीं चला है। 

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क्या है दुर्घटनास्थल के वर्तमान हालात
बहानगा के पास जहां यह हादसा हुआ था वहां ट्रैक को पूरी तरह से सुधार दिया गया है और ट्रेनों की आवाजाही सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है। दुर्घटना के बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस का भी संचालन शुरू हो गया है। इसके वीडियो भी सामने आए हैं। हालांकि, हादसे के बाद ट्रेनों के अवशेषों और कुछ क्षेत्र को रेलवे अधिकारियों ने हरे कपड़े से ढ़क दिया था, लेकिन अब पटरियों के किनारों पर बिखरे डिब्बों को आसानी से देखा जा सकता है।
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घटनास्थल पर आने वाले भी नहीं व्यक्त कर पा रहे भावनाएं
दुर्घटनास्थल पर लोग कई किलोमीटर की यात्रा करके पहुंच रहे हैं। यहां आने वाले एक व्यक्ति अशोक बेहरा ने बताया कि वे अपनी पत्नी रूपा के साथ घटनास्थल देखने भुवनेश्वर से आया हैं। उन्होंने कहा कि वे हादसे की भयावहता का अंदाजा ही लगा पा रहे हैं। उनके पास अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। इस दौरान उनकी पत्नी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। 
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यहां आने वाले लोगों में न सिर्फ बड़े बल्कि बच्चे भी शामिल हैं। बेहरा बेहरा दंपति की तरह ही बालासोर शहर से कक्षा 12 का एक छात्र अर्जुन जेना अपने दोस्तों के साथ हादसे वाली जगह पर आया था। वहां के हालात को देखने के बाद अर्जुन ने कहा कि पीड़ितों पर जो गुजरी, उसके बारे में सोचकर ही मैं कांप उठता हूं। इस दौरान उन्होंने कहा कि मामले की जांच के दौरान हर पहलू को देखने की जरूरत है।

कुछ ट्रेनें अभी भी रद्द
अर्जुन के सहपाठी गौरव ने कहा कि वह रविवार को भी मौके पर गया था। तब यहां सब कुछ अस्त-व्यस्त था। सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ राहत और बचाव कर्मी मौके पर मौजूद थे और शवों की तलाश कर रहे थे। अब जबकि पर्याप्त समय बीत चुका है तो चीजें शांत हो गई हैं। ट्रेनों की सामान्य आवाजाही शुरू हो गई है। हालांकि कई ट्रेनें अभी भी रद्द हैं, मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में मार्ग पूरी तरह से चालू हो जाएगा।

अपनों की तलाश में भी आ रहे परिजन
यहां आने वाले लोगों में वे लोग भी हैं जिनके अपने इस हादसे का शिकार हो गए। लापता लोगों के परिजन बालासोर, भुवनेश्वर और कटक के अस्पतालों और मुर्दाघरों में जाने से पहले अपनों की तलाश में इस स्टेशन से गुजरते रहते हैं। ऐसे ही पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर के निवासी कृष्ण दास ने अपनी आपबीती बताई। उन्होंने बताया कि वे अपने भाई के साथ ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। दुर्घटना के बाद वे ट्रेन से बाहर निकलने में कामयाब रहे, हालांकि वे हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। कृष्ण दास ने बताया कि ट्रेन से बाहर आने के बाद उन्होंने अपने भाई को कई बार फोन लगाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस दौरान वे खुद भी बेहोश हो गए। उन्होंने आगे बताया कि अब तक भाई का कोई पता नहीं चला है। उन्होंने कहा, 'मैंने पिछले तीन दिनों में बालासोर, भुवनेश्वर और कटक के लगभग सभी अस्पतालों की जांच की है, लेकिन वह नहीं मिला है।' इसी तरह पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले की सोनाली बिस्वास, जो ट्रेन में थी और बाल-बाल बच गई, वह भी अपनी चाची की तलाश कर रही है जो ट्रेन में थी।

सीबीआई ने शुरू कर दी है जांच
इस बीच, हादसे की जांच के लिए सीबीआई की एक टीम बहानगा पहुंच गई है। यह टीम दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और रेलवे अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी। इससे पहले, सोमवार को रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने स्टेशन का दौरा किया था और सिग्नल रूम और कंट्रोल रूम में स्थिति का जायजा लिया था। 


 शुक्रवार को हुआ था हादसा
ओडिशा के बालासोर के शुक्रवार को बहनागा बाजार में ट्रेन हादसा हो गया था। रेल हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 280 से ज्यादा  हो गई है। वहीं, 1100 लोग घायल हुए हैं। रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालातों का जायजा लेने खुद ओडिशा पहुंचे थे। पीएम ने घायलों और मृतकों के परिजनों से बात की थी। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है और सीबीआई हादसे की जांच कर रही है। 

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