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SC: 'अभिव्यक्ति की आजादी का गलत इस्तेमाल हुआ', पीएम मोदी के आपत्तिजनक कार्टून पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

Mon, 14 Jul 2025 03:26 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 14 Jul 2025 03:26 PM IST
सार

विनय जोशी ने आरोप लगाया कि हेमंत मालवीय ने कार्टून के जरिए हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और सांप्रदायिक सद्भाव को भी बिगाड़ने की कोशिश की। जोशी ने आरोप लगाया कि कार्टूनिस्ट ने भगवान शिव, पीएम मोदी, आरएसएस को लेकर आपत्तिजनक कार्टून, वीडियो और फोटोग्राफ पर आपत्ति जताई और हिंदू धर्म और संघ की छवि बिगाड़ने का आरोप लगाया।

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Objectionable cartoons on PM RSS case supreme court said Freedom of speech, expression abused
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी और संघ पर आपत्तिजनक कार्टून सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का गलत इस्तेमाल हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। हेमंत मालवीय ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सुधांशु धुलिया और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आपने ये सब क्यों किया? 
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क्या है मामला
हेमंत मालवीय की तरफ से वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर सुप्रीम कोर्ट में पेश हुईं। वृंदा ग्रोवर ने कहा कि 'यह मामला बेशक अरुचिकर और खराब है, लेकिन यह अपराध नहीं है? यह निंदनीय हो सकता है, लेकिन यह अपराध नहीं है।' इस पर पीठ ने कहा कि यह बेशक अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन है। हेमंत ग्रोवर ने साल 2021 में कोरोना महामारी के दौरान ये आपत्तिजनक कार्टून सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। इनके खिलाफ संघ कार्यकर्ता और वकील विनय जोशी ने इंदौर के लसूड़िया थाने में मई माह में शिकायत दर्ज कराई। विनय जोशी ने आरोप लगाया कि हेमंत मालवीय ने कार्टून के जरिए हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और सांप्रदायिक सद्भाव को भी बिगाड़ने की कोशिश की। जोशी ने आरोप लगाया कि कार्टूनिस्ट ने भगवान शिव, पीएम मोदी, आरएसएस को लेकर आपत्तिजनक कार्टून, वीडियो और फोटोग्राफ पर आपत्ति जताई और हिंदू धर्म और संघ की छवि बिगाड़ने का आरोप लगाया। पुलिस ने मालवीय के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। 
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सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई तक टाली सुनवाई
इस पर हेमंत मालवीय ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की, लेकिन मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी। मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कहा कि ऐसी चीजें लगातार हो रही हैं। पीठ ने याचिका पर सुनवाई 15 जुलाई तक टाल दी। इस पर याचिकाकर्ता की वकील ने अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता को अंतरिम सुरक्षा देने की मांग की। हालांकि पीठ ने कल तक के लिए मामले को टाल दिया। 


 
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