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नन दुष्कर्म मामला : मिशनरीज ने जारी की बलात्कार पीड़िता की तस्वीर, तोड़ा कानून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोट्टयम
Updated Fri, 14 Sep 2018 10:08 PM IST
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केरल में नन से बलात्कार के मामले में नया विवाद शुरू हो गया है। शुक्रवार को मिशनरीज ऑफ जीसस ने कथित बलात्कार पीड़िता नन और आरोपी की एक साथ बैठे हुए तस्वीर जारी कर दी। मिशनरीज ऑफ जीसस का यह कदम देश के बलात्कार रोधी कानून का उल्लंघन है। बता दें कि जालंधर डायसिस के बिशप पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली नन इसी मिशनरीज से ताल्लुक रखती हैं।
मिशनरीज ऑफ जीसस ने नन के आरोपों की जांच करने वाले आयोग के निष्कर्षों को प्रकाशित करने के लिए मीडियो को जारी की गई विज्ञप्ति में यह तस्वीर जारी की। हालांकि, मिशनरीज ने तस्वीर प्रकाशित नहीं करने को लेकर कहा कि अगर प्रेस नियम का उल्लंघन करती है, तो मिशनरीज जिम्मेगार नहीं हैं। दावा किया कि 23 मई 2015 को तस्वीर कब ली गई थी, जब नन बिशप फ्रेंको मुलक्कल के साथ एक निजी कार्यक्रम में थीं। उन्होंने दावा किया कि नन मुलक्कल के साथ ऐसे कई कार्यक्रमों में गई थीं। शिकायत दाखिल करने के बाद नन कभी भी सार्वनिक तौर पर या मीडिया के सामने नहीं आईं। मिशनरीज ने विज्ञप्ति में पीड़िता, उसकी पांच साथी ननों और चार अन्य पर बिशप पर साजिश करने का आरोप बी लगाया।
कोट्टयम पुलिस मिशनरीज ऑफ जीसस के खिलाफ बलात्कार पीड़िता की फोटो उजागर करने पर केस दर्ज करने का मन बना रही है। कोट्टयम पुलिस ने इलाकाई पुलिस को पीड़िता का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया है।
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ईसाई मिशनरीज ने अपने बचाव में कहा कि कोई बलात्कार पीड़िता उस स्थान को देखना नहीं चाहेगी जहां उसके साथ बलात्कार किया गया था, लेकिन यह नन कमरा नंबर 12 से 19 में शिफ्ट हुई, जो कमरा नंबर 20 के बगल में ही है जहां कथित रूप से घटना हुई थी। वह अभी भी वहीं रह रही है। आगे कहा कि हर बलात्कार पीड़िता के लिए घटना के बाद अपराधी से मुलाकात करना मरने जैसा है। 2014-16 के बीच नन और बिशप साथ में 20 बार से भी ज्यादा यात्रा कैसे कर सकते हैं? स्पष्ट है कि शिकायत झूठी है।
इनपुट : भाषा
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मिशनरीज ऑफ जीसस ने नन के आरोपों की जांच करने वाले आयोग के निष्कर्षों को प्रकाशित करने के लिए मीडियो को जारी की गई विज्ञप्ति में यह तस्वीर जारी की। हालांकि, मिशनरीज ने तस्वीर प्रकाशित नहीं करने को लेकर कहा कि अगर प्रेस नियम का उल्लंघन करती है, तो मिशनरीज जिम्मेगार नहीं हैं। दावा किया कि 23 मई 2015 को तस्वीर कब ली गई थी, जब नन बिशप फ्रेंको मुलक्कल के साथ एक निजी कार्यक्रम में थीं। उन्होंने दावा किया कि नन मुलक्कल के साथ ऐसे कई कार्यक्रमों में गई थीं। शिकायत दाखिल करने के बाद नन कभी भी सार्वनिक तौर पर या मीडिया के सामने नहीं आईं। मिशनरीज ने विज्ञप्ति में पीड़िता, उसकी पांच साथी ननों और चार अन्य पर बिशप पर साजिश करने का आरोप बी लगाया।
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कोट्टयम पुलिस मिशनरीज ऑफ जीसस के खिलाफ बलात्कार पीड़िता की फोटो उजागर करने पर केस दर्ज करने का मन बना रही है। कोट्टयम पुलिस ने इलाकाई पुलिस को पीड़िता का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया है।
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ईसाई मिशनरीज ने अपने बचाव में कहा कि कोई बलात्कार पीड़िता उस स्थान को देखना नहीं चाहेगी जहां उसके साथ बलात्कार किया गया था, लेकिन यह नन कमरा नंबर 12 से 19 में शिफ्ट हुई, जो कमरा नंबर 20 के बगल में ही है जहां कथित रूप से घटना हुई थी। वह अभी भी वहीं रह रही है। आगे कहा कि हर बलात्कार पीड़िता के लिए घटना के बाद अपराधी से मुलाकात करना मरने जैसा है। 2014-16 के बीच नन और बिशप साथ में 20 बार से भी ज्यादा यात्रा कैसे कर सकते हैं? स्पष्ट है कि शिकायत झूठी है।
इनपुट : भाषा