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असम में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 157 हुई
Tue, 26 Feb 2019 12:04 AM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 26 Feb 2019 12:04 AM IST
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Assam toxic liquor
- फोटो : PTI
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असम के गोलाघाट व जोरहाट जिलों में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़कर 157 हो गई है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को यहां इसकी जानकारी दी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मुद्दे पर असम सरकार को एक नोटिस भेजकर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से तमाम राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को अवैध शराब की बिक्री पर निगरानी बढ़ाने का निर्देश देने को कहा है।
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इस बीच, लगातार बढ़ती मौतों के मुद्दे पर विपक्षी कांग्रेस ने भाजपा सरकार की खिंचाई करते हुए उस पर मृतकों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए इस घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि असम के इतिहास में पहले कभी इतनी बड़ी घटना नहीं हुई है। इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए इस पर विचार-विमर्श के लिए सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।
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सूत्रों ने बताया कि आबकारी मंत्री परिमल शुक्ल वैद्य ने जिले के अधिकारियों को अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने देसी शराब में इस्तेमाल होने वाले लाल गुड़ की बिक्री पर पाबंदी लगा दी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने असम के मुख्य सचिव को भेजे नोटिस में चार हफ्तों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
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उधर, खुमताई के भाजपा विधायक मृणाल सैकिया ने आरोप लगाया है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों व अवैध शराब विक्रेताओं के साठ-गांठ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से जहरीली शराब की बिक्री पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है। पुलिस ने अब तक 15 हजार लीटर अवैध शराब जब्त की है। सैकिया ने कहा कि मिथाइल अल्कोहल के खून में मिल जाने के बाद उसका इलाज बेहद मुश्किल है। इस मामले में आधे घंटे की देरी के बाद मरीज को बचाना काफी मुश्किल होता है।