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इस अफसर पर थी असम में एनआरसी सूची बनाने की जिम्मेदारी, जानें कौन हैं प्रतीक हजेला
Sun, 01 Sep 2019 04:50 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 01 Sep 2019 04:50 PM IST
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प्रतीक हजेला (फाइल फोटो)
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पिछलगे लगभग छह सालों से सबसे ज्यादा यदि किसी आईएएस अधिकारी के बारे में बात हुई है तो उनका नाम प्रतीक हजेला है। वह देश के अहम नौकरशाहों में से एक हैं। उन्होंने असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) की प्रक्रिया को अपने नेतृत्व में पूरा किया है। उनका कार्यालय गुवाहाटी की जीएस रोड पर स्थित है। 50 साल के अधिकारी आईआईटी दिल्ली से पढ़े हुए हैं और उन्होंने 55,000 अधिकारियों की टीम के साथ 47 करोड़ दस्तावेजों की जांच की।
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एनआरसी की पूरी प्रक्रिया में 1,200 करोड़ रुपये का खर्च आया है। हजेला को तत्कालीन कांग्रेस सरकार की सिफारिशों पर सितंबर 2013 में एनआरसी का स्टेट कॉर्डिनेटर नियुक्त किया गया था। उस समय वह राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में प्रबंध निदेशक के तौर पर कार्य कर रहे थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा, 'हजेला को हमारी सिफारिश पर नियुक्त किया गया क्योंकि उन्हें इसके लिए सक्षम समझा गया।'
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हजेला ने 10 साल उपायुक्त के तौर पर काम किया है जिसमें गुवाहाटी भी शामिल है। उन्होने खुद को इस प्रक्रिया में तब शामिल किया जब उच्चतम न्यायालय राज्य और केंद्र से इसे लेकर नियमित अपडेट मांग रही थी। हजेला के एक सहयोगी ने कहा, 'उन्होंने हमें बताया कि यह प्रक्रिया एक पहाड़ी सड़क की तरह है जहां आप बाधा को मोड़ से पहले नहीं देख सकते हैं।' हजेला को उच्चतम न्यायालय ने मीडिया में बोलने से मना किया है।
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एनआरसी की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए हजेला की टीम ने लगभग 3.29 करोड़ आवेदनों का सत्यापन किया। हजेला के सहयोगियों मे बताया कि वह करीबी से इससे जुड़े रहे और उन्होंने कई तरीके सुझाए। जिसमें से एक तरीका फैमिली ट्री की जांच करना था। जिससे कि कोई किसी के परिवार के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल न कर सके।
इस प्रक्रिया के तहत अधिकारी हाथ से लिखी फैमिली ट्री का कंप्यूटर से बनी फैमिली ट्री के जरिए मिलान करते थे। किसी भी तरह की गड़बड़ी लगने पर सभी सदस्यों को एक सेंटर पर बुलाया जाता था। इसके अलावा उन्होंने 53 से अधिक सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों को तैयार करने में बारीकी से काम किया जो इस प्रक्रिया की रीढ़ बनी। शनिवार को गृह मं6ालय ने एनआरसी की अंतिम सूची जारी कर दी है। जिसमें 19 लाख से ज्यादा लोग शामिल नहीं हैं।