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Indian Navy: 'अब हमारे पास तैरता हुआ F-35...', अमेरिकी लड़ाकू विमान का जिक्र कर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Wed, 27 Aug 2025 08:51 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 27 Aug 2025 08:51 AM IST
सार

Indian Navy: भारतीय नौसेना में दो नए युद्धपोतों को कमीशन किए जाने के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अब हमारे पास तैरते हुए एफ-35 हैं। उनका इशारा अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-35 की ओर था। उन्होंने आधुनिक हथियारों और तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी समुद्रीय सीमाओं की सुरक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

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Now We have Floating F-35: Defence Minister's US Jet Mention At Launch Of Warships
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। - फोटो : एक्स/राजनाथ सिंह

विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान में दो नए युद्धपोत आईएनएस उदयगिरी और आईएनएस हिमगिरी को नौसेना में कमीशन किया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने नौसेना को बधाई दी और कहा, आपने देश में बना हुआ एप-35 जैसा युद्धपोत लॉन्च किया है। एक देश के पास उड़ने वाला एफ-35 है और आपने तैरने वाला एफ-35 बना दिया है, वो भी पूरी तरह से भारत में बना हुआ। 
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राजनाथ सिंह अमेरिका के एफ-35 लड़ाकू विमान की ओर इशारा कर रहे थे, जो अपनी तेज रफ्तार और छिपकर हमला करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इन जहाजों में जो हथियार और सेंसर लगे हैं, वो इन्हें हमारे समुद्र का अजेय रक्षक बनाते हैं। 
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उन्होंने कहा, ये दोनों युद्धपोत पूरी तरह भारत में बनाए गए हैं। इनमें लगे हथियार और सेंसर इन्हें समुद्र में ऐसा रक्षक बनाते हैं, जिसे कोई नहीं हरा सकता। मुझे बताया गया है कि इनमें कई आधुनिक तकनीकों को भी जोड़ा गया है। इन जहाजों में लंबी दूरी तक हमला करने वाले हथियार, ध्वनि से तेज चलने वाली मिसाइलें, रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो लॉन्चर, युद्ध के दौरान काम आने वाले कंप्यूटर सिस्टम और फायर कंट्रोल सिस्टम जैसे कई जरूरी और आधुनिक सिस्टम लगे हुए हैं। 

आईएनएश उदयगिरी प्रोजेक्ट 17ए का दूसरा युद्धपोत है, जिसे मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) ने बनाया है। आईएनएस हिमगिरी प्रोजेक्ट 17ए का पहला जहाज है, जिसमें कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने बनाया है। ये दोनों जहाज पुराने डिजाइन से कई गुना बेहतर हैं। इन दोनों नए जहाजों के नाम पहले के आईएनएस उदयगिरी (एफ35) और आईएनएस हिमगिरी (एफ34) पर रखे गए हैं, जो 30 साल से ज्यादा समय तक सेवा दे चुके थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। 
 
राजनाथ सिंह ने नए जमाने की तकनीक को अपनाने पर जोर दिया और कहा कि हमें हथियारों के जखीरे को आधुनिक बनाना होगा और सेना को भविष्य के लिए तैयार रखना होगा।


उन्होंने कहा, आज के समय में पुरानी सोच काम नहीं आएगी। हमें पहले से ही नए खतरों का अंदाजा लगाकर नए समाधान निकालते रहना होगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने रक्षा क्षेत्र में शोध एवं विकास (आरएंडडी) को प्राथमिकता दी है। 

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उन्होंने आगे कहा, जंग का तरीका लगातार बदल रहा है, इसलिए जरूरी है कि हम खुद को अपडेट रखें और ऐसे नए तरीकों पर विचार करें, जिनके बारे में अभी किसी ने नहीं सोचा हो।  राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत पूरी तरह से अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है और किसी भी हालात में तुरंत और पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, इन दोनों युद्धपोतों को शामिल करने के बाद भारतीय नौसेना और भी ज्यादा ताकतवर हो गई है और अब यह असली 'ब्लू वॉटर नेवी' बन गई है।

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