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Health Services: अब दिव्यांगों को अस्पतालों में नहीं आएगी परेशानी, मानक तय
Tue, 12 Jul 2022 06:53 AM IST
Jeet Kumar
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 12 Jul 2022 06:53 AM IST
सार
साल 2011 की जनगणना के मुताबिक भारत में करीब 2.68 करोड़ लोग दिव्यांग हैं जो कुल आबादी का करीब 2.21 फीसदी हिस्सा है। ऐसे में दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के तहत केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नए मानक तय किए हैं जिन्हें जल्द ही लागू किया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
देश के सरकारी या फिर प्राइवेट अस्पतालों में अब दिव्यांगों को परेशानी नहीं होगी। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के समान अधिकार को लेकर नए मानक तय किए हैं जिसकी अधिसूचना जल्द ही जारी होगी। नए मानकों के तहत सभी अस्पतालों में दिव्यांगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं आसान बनाने के लिए बुनियादी ढांचा से लेकर उपकरण और फर्नीचर तक के लिए नियम-कानून बनाए गए हैं।
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रिपोर्ट में कहा है, किसी भी दिव्यांग व्यक्ति के साथ दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उसे सार्वजनिक सेवाओं में एक विशेषाधिकार मिलना चाहिए ताकि वह उनका आसानी से लाभ ले सके। साल 2011 की जनगणना के मुताबिक भारत में करीब 2.68 करोड़ लोग दिव्यांग हैं जो कुल आबादी का करीब 2.21 फीसदी हिस्सा है। ऐसे में दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के तहत केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नए मानक तय किए हैं जिन्हें जल्द ही लागू किया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक देश के अस्पतालों में दिव्यांगों को लेकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने एक समिति का गठन किया था। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की निगरानी में इस समिति में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनील कुमार, संयुक्त सचिव डॉ. हरमीत सिंह,मुंबई से डॉ. अनिल कुमार गौड़, पांडिचेरी से डॉ. नवीन कुमार, एम्स पटना से डॉ.संजय कुमार पांडेय और नई दिल्ली स्थित सीपीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ वास्तुकार अभिषेक बॉस शामिल हैं। समिति ने मिलकर 59 पेज की रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी है जिस पर सार्वजनिक सुझाव मांगे गए हैं।
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पार्किंग से लेकर प्रवेश कक्ष तक में बदलाव
नए मानकों के अनुसार किसी भी अस्पताल में वाहन पार्किंग से लेकर प्रवेश कक्ष, ओपीडी कक्ष, वार्ड और जांच केंद्रों में दिव्यांगों को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए जाएंगें। जैसे पार्किंग में दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिए कर्व लेस वॉक, मूकबधिरों के लिए अलग से साइन बोर्ड इत्यादि।
इसके अलावा, अस्पताल में प्रवेश करने के बाद दिव्यांगों के लिए बैठक, व्हीलचेयर, सहायक कर्मी होना चाहिए। वार्ड में अगर कोई दिव्यांग रोगी भर्ती है तो उसकी जांच के लिए बिस्तर पर ही उपकरण उपलब्ध कराने से लेकर उसे दैनिक कार्य करने में तकनीकी इत्यादि का सहयोग लिया जा सकेगा। इसके लिए अस्पतालों को इंतजाम करना होगा जिसमें केंद्र सरकार की ओर से भी सहायता की जाएगी।
बीआईसी मानकों का रखना होगा ध्यान
दिव्यांगों के लिए जिन उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा उनकी गुणवत्ता भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईसी द्वारा तय मानकों के अनुसार होनी चाहिए। समिति ने निर्णय लिया है कि बीआईसी मानकों का इस्तेमाल सभी जगह लागू होगा। ताकि उपकरणों की खरीदी इत्यादि को लेकर कोई मनमानी या लापरवाही नहीं की जा सके।
आरोग्य सेतु-कोविन एप का भी सहयोग
कोरोना महामारी में जिन मोबाइल एप की वजह से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई थीं अब सरकार उनका इस्तेमाल दिव्यांगों को लेकर भी करेगी। रिपोर्ट में कहा है कि आरोग्य सेतु और कोविन एप जैसे मोबाइल एप को जल्द से जल्द समान स्वास्थ्य सेवा अधिकार के लिहाज से तैयार करना चाहिए। इनके सहयोग से घर बैठे लोगों को अहम जानकारियां मिल सकती हैं।