बड़ी खबर: गंगा में अपनों की अस्थियां प्रवाहित कर सकेंगे पाकिस्तानी हिंदू, स्पॉन्सरशिप नीति में किया गया बदलाव
नीति में बदलाव के तहत पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू परिवारों को मृत सदस्यों की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने के लिए भारत का 10 दिनों का वीजा दिया जाएगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने स्पॉन्सर नीति में बदलाव किया है। इसके तहत अब पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू अब भारत आकर गंगा में अपने मृत परिजनों की अस्तियां विसर्जित कर सकेंगे। इस फैसले के बाद पाकिस्तान में मृत चार सौ से ज्यादा हिंदुओं की अस्थियों को अब हरिद्वार में गंगा नदी में प्रवाहित किया जा सकता है।
गंगा में अस्थियों विसर्जित करने के इच्छुक पाकिस्तानी हिंदू
सनातम धर्म में मान्यता है कि गंगा नदी में अस्थियों को प्रवाहित करने से मृतक की आत्मा को सद्गति मिलती है। पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू भी अपने मृत परिजनों की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने के इच्छुक रहते हैं।
स्पॉन्सर नीति में पहले था ये प्रावधान
स्पॉन्सरशिप नीति में अब तक यह प्रावधान था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं के परिवार का भारत में रहने वाला कोई सदस्य या करीबी स्पॉन्सर करे तभी उन्हें वीजा दिया जा सकता था। चूंकि विभाजन को बहुत समय हो गया है, इसलिए पाकिस्तान में रहने वाले बहुत कम हिंदुओं के परिवार ही भारत में बचे हैं।
पाकिस्तानी हिंदू परिवारों को मिलेगा दस दिन का वीजा
नीति में बदलाव के तहत पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू परिवारों को मृत सदस्यों की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने के लिए भारत का 10 दिनों का वीजा दिया जाएगा। इसके बाद अब 426 हिंदू परिवार अपने मृत परिजनों की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने में सक्षम होंगे।
अस्थियों को मंदिरों में सुरक्षित रखते हैं पाकिस्तानी हिंदू
पाकिस्तान में बहुत सारे हिंदू अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार करने के बाद अस्थियों को मंदिरों या श्मशान में सुरक्षित रख देते हैं, ताकि मौका मिलने पर उन्हें गंगा में प्रवाहित किया जा सके।